हिंदू माता-पिता का मुस्लिम बेटा, जन्म से पहले ही विवादित सर्टिफिकेट; बंगाल SIR देख चकरा जाएगा सिर, BJP ने ममता सरकार को घेरा

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में एक बार फिर धर्म और नागरिकता को लेकर राजनीतिक बहस गरमाई है। हाल ही में सामने आया है कि एक हिंदू माता-पिता के यहां जन्मा बेटा मुस्लिम धर्म में दर्ज हुआ, और इसे लेकर जन्म से पहले ही सर्टिफिकेट जारी होने की बात सामने आई है। भाजपा ने इसे लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर हमला बोला है और कहा कि यह राज्य में नागरिकता और धर्म से जुड़ी बड़ी गड़बड़ी है।

जन्म प्रमाण पत्र में विवाद

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में माता-पिता का धर्म अलग जबकि बच्चे का धर्म मुस्लिम दर्ज किया गया। यह मामला न केवल प्रशासनिक गड़बड़ी को उजागर करता है बल्कि राज्य में SIR (State Information Record) प्रणाली की जांच की भी मांग बढ़ा रहा है।

BJP ने ममता सरकार को घेरा

भाजपा के नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ एक isolated मामला नहीं है, बल्कि राज्य में नागरिकता और धर्म परिवर्तन को लेकर बड़ी गड़बड़ी का संकेत है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार ने बच्चों के जन्म प्रमाण पत्रों में सही जानकारी सुनिश्चित करने में विफलता दिखाई है।

SIR प्रणाली पर सवाल

राज्य सूचना रिकॉर्ड (SIR) प्रणाली के तहत हर बच्चे का डेटा रिकॉर्ड किया जाता है, लेकिन इस मामले ने इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जन्म से पहले ही धर्म को बदलकर सर्टिफिकेट जारी किया गया है, तो यह सिस्टम की जांच और सुधार की मांग करता है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और अगले कदम

भाजपा ने इस मुद्दे को संसद और विधानसभा में उठाने की तैयारी कर रही है। वहीं, ममता सरकार ने इस मामले पर फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है। प्रशासन ने कहा है कि मामले की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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