लाल किले पर मोदी की लाल राजस्थानी पगड़ी ने खींचा ध्यान, 13 साल में हर बार बदला अंदाज; जानिए किस साल क्या रही खासियत

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नई दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराया। हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री का पहनावा लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा। खासतौर पर उनकी पगड़ी ने सभी का ध्यान खींचा। पीएम मोदी इस बार चमकीले गहरे लाल रंग की राजस्थानी पगड़ी में नजर आए। इस पगड़ी पर पीले और सफेद रंग का बांधनी पैटर्न बना हुआ था, जिसने उनके पारंपरिक लुक को और खास बना दिया।

लाल पगड़ी में दिखा राजस्थानी अंदाज

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहनावे को लेकर हर साल खास उत्सुकता रहती है। वर्ष 2026 में उन्होंने लाल रंग की राजस्थानी पगड़ी चुनी। पगड़ी पर नजर आने वाला पीले और सफेद रंग का बांधनी पैटर्न इसे पारंपरिक राजस्थानी शैली से जोड़ता है। लाल रंग की इस पगड़ी के साथ पीएम मोदी का पहनावा एक बार फिर स्वतंत्रता दिवस समारोह की प्रमुख तस्वीरों और चर्चाओं का हिस्सा बन गया।

13 साल में हर बार अलग अंदाज में नजर आए पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2014 से स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते आ रहे हैं। इन 13 वर्षों के दौरान उनके पहनावे में लगातार अलग-अलग रंगों, डिजाइनों और पारंपरिक शैलियों की झलक देखने को मिली है। खास तौर पर उनकी पगड़ियां हर साल उनके लुक को अलग पहचान देती रही हैं।

इस दौरान पीएम मोदी कई बार केसरिया रंग की पगड़ी में भी नजर आए। वर्ष 2026 के अलावा वर्ष 2025, 2021, 2020, 2018 और 2014 में भी उनके स्वतंत्रता दिवस के लुक में केसरिया रंग की पगड़ी प्रमुख रूप से दिखाई दी थी। यानी उपलब्ध वर्षों के इस विवरण में केसरिया पगड़ी छह मौकों पर नजर आती है।

पीएम मोदी के पहनावे की हर साल रहती है चर्चा

स्वतंत्रता दिवस के दिन लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री का संबोधन जितना महत्वपूर्ण होता है, उतनी ही दिलचस्पी उनके पहनावे को लेकर भी रहती है। पीएम मोदी की पगड़ी में अलग-अलग राज्यों की पारंपरिक कला, रंग और डिजाइन की झलक दिखाई देती रही है। यही वजह है कि उनके स्वतंत्रता दिवस के लुक की तस्वीरें सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में भी चर्चा का विषय बनती हैं।

लाल किले से भाषण देने में भी बना रिकॉर्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भाषण की अवधि के मामले में भी एक रिकॉर्ड बनाया है। उनसे पहले लाल किले से सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस भाषण देने का रिकॉर्ड देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम था। नेहरू ने वर्ष 1947 में 72 मिनट का भाषण दिया था। इसके बाद वर्ष 1997 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल ने 71 मिनट का भाषण दिया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2015 में लाल किले से 83 मिनट लंबा भाषण दिया और नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से दिए गए सबसे लंबे भाषणों में शामिल है।

नेहरू और इंदिरा गांधी के नाम सबसे छोटे भाषण का रिकॉर्ड

स्वतंत्रता दिवस के भाषणों की अवधि की बात करें तो देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम सबसे छोटे भाषण का रिकॉर्ड भी दर्ज है। वर्ष 1954 में जवाहरलाल नेहरू और वर्ष 1966 में इंदिरा गांधी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से 14-14 मिनट का भाषण दिया था।

इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी के स्वतंत्रता दिवस भाषण भी अपेक्षाकृत छोटे रहे। मनमोहन सिंह ने वर्ष 2012 में 32 मिनट और वर्ष 2013 में 35 मिनट का संबोधन किया था। वहीं अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2002 में 25 मिनट और वर्ष 2003 में 30 मिनट तक लाल किले से देश को संबोधित किया था।

पगड़ी से लेकर भाषण तक, स्वतंत्रता दिवस पर मोदी का अलग अंदाज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 13 स्वतंत्रता दिवस संबोधनों में उनके भाषण, पहनावे और पगड़ी की शैली लगातार चर्चा में रही है। वर्ष 2026 में गहरे लाल रंग की बांधनी पैटर्न वाली राजस्थानी पगड़ी ने उनके लुक को खास बना दिया। वहीं भाषण की अवधि के मामले में वर्ष 2015 का 83 मिनट का संबोधन उनके अब तक के सबसे चर्चित रिकॉर्ड में शामिल है।

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