नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में फंसे कमर्शियल जहाजों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में स्पष्ट संदेश दिया है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की नाकेबंदी और किसी भी तरह के हमले अस्वीकार्य हैं। मोदी ने कहा कि भारत अपने जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कूटनीति और बातचीत के माध्यम से लगातार प्रयास कर रहा है।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर पीएम मोदी की चिंता
प्रधानमंत्री ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने इस क्षेत्र के अधिकांश देशों के राष्ट्राध्यक्षों से दो दौर में फोन पर बात की और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का आश्वासन लिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत शांति व्यवस्था बनाए रखने का पक्षधर है और सभी देशों से युद्ध समाप्त करने और तनाव घटाने का आग्रह किया।
कूटनीति में भारत की सक्रिय भूमिका
मोदी ने कहा, “कूटनीति में भारत की भूमिका हमेशा स्पष्ट रही है। हमने इस संघर्ष के सभी पक्षों से तनाव कम करने और संघर्ष समाप्त करने का आग्रह किया है। भारत ने नागरिकों, ऊर्जा और परिवहन के बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की है।” उन्होंने जोर दिया कि कमर्शियल जहाजों पर हमले और होर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की नाकेबंदी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बातचीत और कूटनीति ही समाधान
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा मानवता और शांति के कल्याण के पक्ष में रहा है। मोदी ने स्पष्ट किया, “विवाद और संघर्ष का एकमात्र समाधान कूटनीति और बातचीत है। हमारे प्रयासों का उद्देश्य तनाव घटाना और सभी पक्षों को शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचाना है।” उन्होंने सभी कानून-व्यवस्था एजेंसियों को अलर्ट रहने और सुरक्षा मजबूत करने का निर्देश दिया।
हर चुनौती का सामना संयम और धैर्य से
प्रधानमंत्री मोदी ने सदन को संबोधित करते हुए कहा, “हमें हर चुनौती का सामना धैर्य, संयम और शांत मन से करना चाहिए। ऐसे समय में झूठ और अफवाह फैलाने वाले सक्रिय हो जाते हैं। हर राज्य सरकार और नागरिक मिलकर काम करें तो हम हर संकट का सामना कर सकते हैं।”
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