
मिर्जापुर में चर्चित वकील राजीव सिंह हत्याकांड ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी राजेंद्र सोनकर को देर रात हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को भागने के दौरान दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल हालत में काबू में कर लिया गया। इस कार्रवाई के बाद जहां पुलिस ने राहत की सांस ली है, वहीं पूरे मामले में पहले की गई लापरवाही पर सवाल भी तेज हो गए हैं।
देर रात पुलिस-आरोपी आमने-सामने, फायरिंग के बाद गिरफ्तारी
शनिवार देर रात देहात कोतवाली क्षेत्र के हनुमान पड़रा इलाके में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वकील हत्याकांड का मुख्य आरोपी छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जो आरोपी के दोनों पैरों में लगी। इसके बाद उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
50 हजार का इनामी, लंबे समय से था फरार
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र सोनकर पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वह वारदात के बाद से फरार चल रहा था और लगातार लोकेशन बदल रहा था। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं, जिसके बाद यह सफलता मिली।
पहले भी दे चुका था जान से मारने की धमकी
जांच में सामने आया है कि आरोपी और मृतक के बीच पुरानी रंजिश थी। करीब आठ महीने पहले भी आरोपी हथियार लेकर वकील के घर पहुंचा था, जहां स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया था। इतना ही नहीं, 9 अप्रैल को भी उसने वकील के घर पहुंचकर उनकी पत्नी को जान से मारने की धमकी दी थी। कचहरी परिसर में भी कई बार धमकी देने की बात सामने आई है।
शिकायत के बावजूद नहीं हुई सख्त कार्रवाई
मृतक राजीव सिंह ने 10 अप्रैल को पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर अपनी जान को खतरा बताया था और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसके दो दिन बाद ही मॉर्निंग वॉक के दौरान उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस पहले ही कार्रवाई कर लेती तो यह घटना टाली जा सकती थी। उनका आरोप है कि आरोपी लगातार धमकी दे रहा था, लेकिन शिकायतों के बावजूद पुलिस निष्क्रिय बनी रही। इस लापरवाही ने एक जान ले ली।
पुराना आपराधिक इतिहास भी आया सामने
आरोपी राजेंद्र सोनकर का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि उसने पहले भी कई गंभीर वारदातों को अंजाम दिया है। गांव के पूर्व प्रधान पर फायरिंग और पारिवारिक जमीन को लेकर हत्या जैसे आरोप भी उस पर लग चुके हैं।
कौन थे राजीव सिंह?
राजीव सिंह पेशे से वकील होने के साथ-साथ गांव की राजनीति में भी सक्रिय थे। वे देवरी गांव के पूर्व प्रधान रह चुके थे और वर्तमान में उनकी पत्नी ग्राम प्रधान हैं। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं, जिनमें बड़ा बेटा मेडिकल की तैयारी कर रहा है।
फरार आरोपी की तलाश जारी
इस हत्याकांड में शामिल एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।
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