Lucknow Fire News: लखनऊ में भीषण अग्निकांड, चार लोगों की दर्दनाक मौत; जान बचाने के लिए छत से कूदे कई लोग, इलाके में मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को एक दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया। अलीगंज थाना क्षेत्र के पुरनिया इलाके में स्थित एक बहुमंजिला इमारत में अचानक लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। हादसे में चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। आग इतनी भयावह थी कि इमारत में फंसे लोगों को अपनी जान बचाने के लिए छत और छज्जों से नीचे कूदना पड़ा। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

धुएं और लपटों के बीच फंसे लोग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद कुछ ही देर में पूरी इमारत धुएं और आग की लपटों से घिर गई। ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोग बाहर निकलने का रास्ता नहीं ढूंढ़ पाए। हालात इतने गंभीर हो गए कि कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए ऊंचाई से छलांग लगा दी। आसपास मौजूद लोगों ने भी बचाव कार्य में मदद की और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया।

मौके पर पहुंचीं दमकल की कई गाड़ियां

हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गईं। कई फायर टेंडरों की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत और बचाव अभियान के दौरान इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। प्रशासन को घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की गई है।

आग लगने के कारणों की जांच शुरू

फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल सका है। शुरुआती स्तर पर शॉर्ट सर्किट सहित कई संभावनाओं पर जांच की जा रही है। फोरेंसिक और तकनीकी टीमों को भी जांच में लगाया गया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आग किस वजह से लगी और इतनी तेजी से कैसे फैली। प्रशासन ने विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।

सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन निकास मौजूद होते तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। घटना ने एक बार फिर व्यावसायिक और शैक्षणिक संस्थानों में फायर सेफ्टी ऑडिट की जरूरत को उजागर कर दिया है।

लखनऊ के इस दर्दनाक अग्निकांड ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया है। राहत और बचाव कार्य पूरा होने के बाद अब प्रशासन की नजर आग लगने की वजहों और जिम्मेदारियों को तय करने पर है। वहीं मृतकों के परिजनों में शोक और आक्रोश का माहौल है।

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