
ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई, भारत से सर्वधर्म प्रतिनिधिमंडल ने दी श्रद्धांजलि; अंतिम संस्कार में जुटेगा लाखों का जनसैलाब
तेहरान: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम की शुरुआत से पहले शुक्रवार को दुनिया के कई देशों से पहुंचे प्रतिनिधिमंडलों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत की ओर से भी विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, धर्मगुरुओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने तेहरान पहुंचकर खिराज-ए-अकीदत पेश की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदायों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी विशेष रूप से चर्चा का विषय रही।
भारत के सर्वधर्म प्रतिनिधिमंडल ने दी श्रद्धांजलि
शुक्रवार को तेहरान में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान भारत से पहुंचे विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धासुमन अर्पित किए। ईरान के दूतावास ने इस अवसर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जिनमें भगवाधारी हिंदू संत, पगड़ीधारी सिख धर्मगुरु, मुस्लिम और ईसाई प्रतिनिधि एक साथ श्रद्धांजलि देते दिखाई दिए।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में राजनीतिक नेताओं और सिविल सोसाइटी के सदस्यों ने भी हिस्सा लिया। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने भी तेहरान पहुंचकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इमाम खुमैनी मस्जिद में अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
अंतिम संस्कार की औपचारिक शुरुआत से पहले अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों के पार्थिव शरीर को तेहरान स्थित इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते नजर आए। पूरे परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
4 जुलाई से शुरू होगा अंतिम संस्कार, 9 जुलाई को मशहद में होगा सुपुर्द-ए-खाक
ईरान सरकार के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार कार्यक्रम 4 जुलाई से शुरू होगा और यह 9 जुलाई तक चलेगा। अंतिम रस्में पवित्र शहर मशहद में पूरी की जाएंगी, जहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। मशहद खामेनेई का पैतृक शहर भी माना जाता है। इस दौरान लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
चार महीने बाद शुरू हुई अंतिम संस्कार की प्रक्रिया
अयातुल्ला अली खामेनेई तीन दशक से अधिक समय तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे। उनकी मौत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़े सैन्य तनाव के शुरुआती दौर में हुई थी। इसके बाद क्षेत्र में संघर्ष और अस्थिरता का दौर शुरू हो गया था। अब करीब चार महीने बाद ईरान ने उनके अंतिम संस्कार की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की है।
अंतिम संस्कार को लेकर ईरान में व्यापक तैयारियां
ईरान प्रशासन ने अंतिम संस्कार कार्यक्रम को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। तेहरान से लेकर मशहद तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और विदेशी प्रतिनिधियों के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने विशेष प्रबंधन किया है। देश-विदेश से आने वाले लोगों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।
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