ईरान-अमेरिका वार्ता से ठीक पहले तेहरान के कड़े तेवर: ‘समुद्री डकैती’ बंद करे वॉशिंगटन, वरना होर्मुज में अंजाम भुगतने को तैयार रहे सेना

तेहरान/इस्लामाबाद: ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता की मेज सजने से ठीक पहले तेहरान ने एक बार फिर युद्ध की चिंगारी भड़का दी है। एक तरफ ईरान का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद में मध्यस्थता की राह तलाश रहा है, तो दूसरी तरफ ईरानी सेना ने सीधे शब्दों में अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर ईरानी बंदरगाहों की ‘नाकाबंदी’ और ‘लूटपाट’ बंद नहीं हुई, तो वे करारा पलटवार करेंगे। सेना ने अमेरिकी कार्रवाई को ‘समुद्री डकैती’ करार देते हुए अपनी कमान को हाई अलर्ट पर रखा है।

“जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार”: ईरानी सेना का कड़ा संदेश

सरकारी मीडिया आउटलेट आईआरआईबी के अनुसार, ईरान की केंद्रीय कमान ‘खातम अल-अनबिया’ ने शनिवार को एक कड़ा बयान जारी किया। सेना ने कहा, “आक्रमणकारी अमेरिकी सेना अगर क्षेत्र में नाकाबंदी और समुद्री डकैती जारी रखती है, तो उन्हें पता होना चाहिए कि ईरान के शक्तिशाली सशस्त्र बल चुप नहीं बैठेंगे।” सेना ने स्पष्ट किया कि वे दुश्मनों की हर हरकत पर पैनी नजर रखे हुए हैं और किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया की नजरें इस्लामाबाद में होने वाली संभावित सीधी बातचीत पर टिकी हैं।

मोसाद के ‘भाड़े के गुंडे’ को फांसी, सुरक्षा पर सख्त रुख

तनावपूर्ण माहौल के बीच ईरान ने शनिवार सुबह एक ईरानी नागरिक इरफान कियानी को फांसी दे दी। अर्ध-सरकारी एजेंसी तसनीम के मुताबिक, कियानी इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए काम कर रहा था। उस पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान इस्फ़हान शहर में तोड़फोड़, आगजनी और आतंक फैलाने का आरोप था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सजा की पुष्टि के बाद यह कार्रवाई की गई, जो बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ तेहरान के कड़े रुख को दर्शाती है।

2 महीने बाद पहली बार उड़े विमान, पर राष्ट्रपति ने जताई चिंता

युद्ध के करीब दो महीने बाद शनिवार को तेहरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पहली बार वाणिज्यिक उड़ानों (Commercial Flights) का संचालन शुरू हुआ। तुर्की, ओमान और सऊदी अरब के लिए उड़ानें रवाना हुईं, जिसे सामान्य स्थिति की ओर एक छोटे कदम के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, देश के भीतर हालात अब भी चुनौतीपूर्ण हैं।

राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने जनता से बिजली बचाने की अपील करते हुए कहा कि अमेरिकी और इजरायली हमलों ने देश के ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) को भारी नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा, “घर में 10 बत्तियां जलाने के बजाय केवल दो जलाएं। अमेरिका ने हमारे बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रखी है और हमारे संसाधन नष्ट कर दिए हैं।”

शांति वार्ता या और भीषण जंग?

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची फिलहाल पाकिस्तान में हैं, जहां वे अमेरिकी मांगों और अपनी शर्तों को लेकर बातचीत कर रहे हैं। लेकिन हवाई क्षेत्र खुलने और उड़ानों के शुरू होने के बावजूद, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर दी गई ताजा चेतावनी ने शांति प्रयासों पर संशय के बादल मंडरा दिए हैं। अब सबकी नजरें इस पर हैं कि क्या धमकी के इस शोर के बीच कूटनीति की आवाज सुनी जाएगी या नहीं।

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