मिडिल ईस्ट में तनाव अब अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। शनिवार तड़के इजरायल ने ईरान के दिल में घुसकर जो प्रहार किया, उसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि के साथ ही अब क्षेत्र में महायुद्ध की आहट तेज हो गई है। दशकों से अमेरिका और इजरायल की आंखों की किरकिरी बने खामेनेई का अंत इतना नाटकीय और घातक होगा, इसकी कल्पना शायद खुद तेहरान ने भी नहीं की थी।
शनिवार की वो सुबह और इजरायल का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
घटनाक्रम की शुरुआत शनिवार सुबह हुई जब इजरायली लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने ईरान के संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाया। हमले के चंद घंटों बाद इजरायली सेना (IDF) ने एक सनसनीखेज दावा किया कि उन्होंने खामेनेई को खत्म कर दिया है। इस खबर पर मुहर तब लगी जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए खामेनेई के मारे जाने की बात कही। कुछ ही देर बाद, ईरान की सरकारी मीडिया ने भी भारी मन से अपने सर्वोच्च नेता के ‘शहीद’ होने की आधिकारिक पुष्टि कर दी।
ट्रंप और खामेनेई: वर्षों पुरानी अदावत का खूनी अंत
अयातुल्ला खामेनेई पिछले कई सालों से अमेरिका, और विशेष रूप से डोनाल्ड ट्रंप के लिए सबसे बड़ी चुनौती बने हुए थे। पिछले साल जब अमेरिका ने बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स के जरिए ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला कर उन्हें ध्वस्त करने का दावा किया था, तब भी खामेनेई पीछे नहीं हटे थे। उन्होंने खुलेआम ट्रंप को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार इजरायली खुफिया एजेंसी ‘मोसाद’ को खामेनेई की सटीक लोकेशन मिल गई थी। उन्हें पता था कि खामेनेई इस वक्त अपने कंपाउंड में ही मौजूद हैं, जिसके बाद इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
ऑफिस के भीतर ही ढेर हुए खामेनेई, इजरायल ने इस्तेमाल किए घातक बम
86 वर्षीय खामेनेई शनिवार तड़के अपने कार्यालय (ऑफिस) में मौजूद थे, तभी इजरायल ने वहां भीषण बमबारी की। सूत्रों की मानें तो यह पिछले कई दशकों में ईरान की धरती पर इजरायल और अमेरिका का अब तक का सबसे सटीक और खतरनाक हमला था। खुफिया जानकारी इतनी पुख्ता थी कि इजरायल ने हमले के लिए उन ‘बंकर बस्टर’ जैसे ताकतवर बमों का चुनाव किया, जिनसे बचने की कोई गुंजाइश न रहे। भारी तबाही के बीच खामेनेई का बच निकलना नामुमकिन हो गया।
अब आगे क्या? मिडिल ईस्ट में मचेगा हाहाकार
खामेनेई की मौत के बाद अब ईरान के अगले कदम पर पूरी दुनिया की नजर है। क्या ईरान अब इजरायल पर सीधा हमला करेगा? या फिर हिजबुल्लाह और हूती जैसे संगठन इस जंग को और भयावह बनाएंगे? फिलहाल तेहरान में शोक की लहर है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह शांति किसी बड़े तूफान से पहले की खामोशी हो सकती है।
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