ईरान ने दिए नरमी के संकेत: ‘युद्ध खत्म करने की हर पहल का स्वागत’, खाड़ी देशों में हमलों के आरोपों पर दी सफाई

पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव के बीच ईरान की ओर से पहली बार नरमी के संकेत मिले हैं। अमेरिकी हमले के बाद तेज हुई जंग के बीच ईरानी विदेश मंत्री ने कहा है कि यदि युद्ध समाप्त करने की कोई पहल होती है तो तेहरान उसका स्वागत करेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब 28 फरवरी से जारी ईरान-इजरायल संघर्ष लगातार और खतरनाक रूप लेता जा रहा है।

युद्ध खत्म करने की पहल का स्वागत: ईरानी विदेश मंत्री

तेहरान में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि उनका देश युद्ध समाप्त करने के लिए उठाए जाने वाले किसी भी कूटनीतिक कदम का स्वागत करेगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई ऐसी पहल होती है जिससे संघर्ष पूरी तरह समाप्त हो सके तो ईरान उस दिशा में सकारात्मक रुख अपनाने को तैयार है।

अराघची का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और दोनों पक्षों की ओर से लगातार हमले और कड़े बयान सामने आ रहे हैं। हाल ही में अमेरिका द्वारा ईरान के प्रमुख तेल हब खार्ग आइलैंड पर किए गए हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

खाड़ी देशों में हमलों पर ईरान की सफाई

ईरानी विदेश मंत्री ने खाड़ी देशों में हुए हमलों को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ईरान ने पड़ोसी अरब देशों में किसी भी नागरिक या रिहायशी इलाके को निशाना नहीं बनाया है। उनके अनुसार इन हमलों के पीछे इजरायल की साजिश हो सकती है, जो ईरान के नाम पर कार्रवाई कर क्षेत्रीय देशों के साथ तेहरान के संबंध खराब करने की कोशिश कर रहा है।

अराघची ने यह भी दावा किया कि इजरायल ईरान के शाहिद ड्रोन जैसे उपकरणों की नकल करके हमले कर सकता है और फिर उसका दोष ईरान पर मढ़ सकता है।

जांच के लिए क्षेत्रीय पैनल बनाने का प्रस्ताव

ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, विदेश मंत्री ने खाड़ी देशों के साथ मिलकर एक संयुक्त जांच पैनल बनाने का प्रस्ताव भी दिया है। इस पैनल का उद्देश्य उन रिहायशी इलाकों की जांच करना होगा जहां हमले हुए हैं।

अराघची ने कहा कि ईरान किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार है और उसने खाड़ी देशों में आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया है। उनका कहना है कि यदि जांच होती है तो सच्चाई सामने आ जाएगी।

तीसरे हफ्ते में पहुंचा ईरान-इजरायल संघर्ष

इजरायल और अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला किया था। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच लगातार सैन्य कार्रवाई जारी है। इजरायल और अमेरिका की बमबारी में ईरान के कई शहरों को भारी नुकसान पहुंचा है। अब तक 1300 से अधिक लोगों की मौत की खबरें सामने आ चुकी हैं और कई इमारतें पूरी तरह तबाह हो गई हैं।

इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। साथ ही इजरायल की ओर भी लगातार मिसाइलें दागी जा रही हैं।

होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से बढ़ा वैश्विक संकट

तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को भी बंद कर दिया है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम समुद्री मार्ग माना जाता है। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल आपूर्ति प्रभावित होने लगी है और कई देशों में ऊर्जा संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है तो इसका असर केवल मध्य पूर्व ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

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