ईरान-इजरायल युद्ध का आगाज: अमेरिका संग मिलकर इजरायल ने ईरान पर बरपाया कहर, तेहरान से इस्फहान तक बिछी लाशें, खामेनेई की मौत की चर्चा

नई दिल्ली/तेहरान: मध्य पूर्व में जिस महायुद्ध की आशंका जताई जा रही थी, उसने आज बेहद खौफनाक रूप ले लिया है। इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त सैन्य ऑपरेशन के तहत ईरान के कई रणनीतिक शहरों पर ताबड़तोड़ मिसाइल हमले किए हैं। इस भीषण बमबारी में अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत की खबर है, जबकि 700 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हमले के बाद पूरे पश्चिम एशिया में हड़कंप मच गया है और दोनों पक्ष अब आमने-सामने की जंग में कूद पड़े हैं।

तेहरान समेत कई शहरों में मची तबाही, सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

इजरायली वायुसेना और अमेरिकी सहयोग से किए गए इस हमले में ईरान की राजधानी तेहरान को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। तेहरान के अलावा खोर्रमाबाद, कौम और इस्फहान जैसे महत्वपूर्ण शहरों पर मिसाइलों की बारिश की गई। रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने खास तौर पर ईरानी सरकार के महत्वपूर्ण कार्यालयों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। राजधानी तेहरान धमाकों की गूंज से थर्रा उठी है और चारों तरफ धुएं का गुबार देखा जा रहा है। इजरायली रक्षा मंत्री ने इस हमले की पुष्टि करते हुए इसे आत्मरक्षा में उठाया गया कड़ा कदम बताया है।

ईरान का पलटवार: इजरायल के तेल अवीव और हाइफा पर दागी मिसाइलें

ईरान ने भी इस हमले पर खामोश रहने के बजाय जोरदार पलटवार किया है। ईरानी सेना ने इजरायल के प्रमुख शहरों हाइफा, तेल अवीव और गैलिली को निशाना बनाते हुए मिसाइलें दागी हैं। हमले के बाद इजरायल में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है और नागरिकों को तुरंत बम शेल्टरों में शरण लेने के निर्देश दिए गए हैं। इजरायल ने देशभर में इमरजेंसी लागू कर दी है। इसी बीच खबर है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई को किसी सुरक्षित और अज्ञात स्थान पर भेज दिया गया है।

PM नेतन्याहू का बड़ा दावा: ‘खामेनेई की मौत के मिल रहे संकेत’

इस हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने देश के नाम संबोधन में एक चौंकाने वाला दावा किया है। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने ईरानी जनता से अपील करते हुए कहा कि यह ईरानी तानाशाही से मुक्ति पाने का “पीढ़ी में एक बार मिलने वाला अवसर” है। नेतन्याहू ने ईरानियों से सड़कों पर उतरने और शासन को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका और इजरायल का यह साझा मिशन तब तक जारी रहेगा जब तक लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता।

डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी: ईरान को नहीं बनने देंगे परमाणु शक्ति

इस पूरे सैन्य अभियान में अमेरिका की सक्रिय भूमिका ने दुनिया को चौंका दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को जायज ठहराते हुए कड़ा संदेश दिया है। ट्रंप ने कहा, “हम ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु बम नहीं बनाने देंगे।” अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह इजरायल की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और ईरान के किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। वहीं, दुबई में बुर्ज खलीफा के पास हुए एक संदिग्ध ड्रोन हमले ने भी इलाके में दहशत पैदा कर दी है, जहां लोग धुएं का गुबार देख भागते नजर आए।

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