
नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का आगाज 28 मार्च से हो चुका है और यह टूर्नामेंट एक बार फिर साबित कर रहा है कि यह सिर्फ क्रिकेट लीग नहीं बल्कि एक ग्लोबल स्पोर्ट्स इकोनॉमी बन चुका है। 2008 में शुरू हुई इस लीग ने पिछले कुछ सालों में जिस रफ्तार से ग्रोथ की है, वह इसे दुनिया की सबसे सफल टी20 लीग के तौर पर स्थापित कर चुकी है।
40 मिनट में डिजिटल व्यूअरशिप ने बनाया नया इतिहास
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और लखनऊ सुपर जायंट्स के मुकाबले से पहले जियोहॉटस्टार पर दर्शकों की संख्या ने जो आंकड़े बनाए, वह चौंकाने वाले हैं। टॉस से पहले ही 55 लाख दर्शक लाइव जुड़े हुए थे। जैसे ही टॉस हुआ, यह संख्या बढ़कर 73 लाख तक पहुंच गई और पहली गेंद डालते ही व्यूअरशिप 1.55 करोड़ के पार चली गई। सिर्फ पहले ओवर के खत्म होने तक 3.1 करोड़ दर्शक ऑनलाइन मैच से जुड़ चुके थे। महज 40 मिनट में 464 प्रतिशत की यह बढ़त डिजिटल स्पोर्ट्स व्यूइंग के बदलते ट्रेंड को साफ दर्शाती है।
IPL अब सिर्फ क्रिकेट नहीं, एक ग्लोबल एसेट क्लास
IPL का दायरा अब मैदान से आगे निकलकर निवेश की दुनिया तक पहुंच चुका है। यह लीग अब दुनिया के सबसे आकर्षक स्पोर्ट्स इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म्स में गिनी जाने लगी है। बड़ी-बड़ी कंपनियां और निवेशक इसमें लगातार पैसा लगा रहे हैं, जिससे इसकी वैल्यू और भी तेजी से बढ़ रही है।
RCB और RR की डील ने चौंकाया बाजार
हाल ही में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और राजस्थान रॉयल्स (RR) की हिस्सेदारी की बिक्री ने स्पोर्ट्स और कॉरपोरेट सेक्टर में हलचल मचा दी। RCB की वैल्यूएशन लगभग 1.78 बिलियन डॉलर (करीब 16,600 करोड़ रुपये) तक पहुंच गई है, जबकि राजस्थान रॉयल्स की कीमत लगभग 1.63 बिलियन डॉलर (करीब 15,290 करोड़ रुपये) आंकी गई है। इन ऊंचे आंकड़ों के पीछे सबसे बड़ा कारण डिमांड और सप्लाई का मजबूत संतुलन माना जा रहा है।
क्यों बढ़ रहा है IPL का कद?
डिजिटल व्यूअरशिप में रिकॉर्ड वृद्धि, ब्रॉडकास्टिंग राइट्स की भारी डिमांड और टीम फ्रेंचाइज़ी की बढ़ती वैल्यू ने IPL को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत ब्रांड बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इसकी आर्थिक ताकत और भी कई गुना बढ़ सकती है।
Hindustan Awaaz – ताज़ा हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया