हार्डवेयर की दुनिया में भारत की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: साणंद में माइक्रोन के मेगा सेमीकंडक्टर प्लांट का आगाज, पीएम मोदी बोले- ‘अब चिप भी अपनी, साख भी अपनी’

अहमदाबाद/साणंद: भारत अब केवल सॉफ्टवेयर का ‘पावरहाउस’ ही नहीं रहेगा, बल्कि ग्लोबल हार्डवेयर मार्केट में भी अपना डंका बजाने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के साणंद में माइक्रोन (Micron) की अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर ATMP (असेंबली, टेस्ट, मार्किंग और पैकेजिंग) फैसिलिटी का भव्य उद्घाटन किया। 22,500 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार यह प्लांट भारत के ‘सेमीकंडक्टर मिशन’ की पहली और सबसे बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

सितंबर 2023 में रखा पत्थर, फरवरी 2026 में शुरू हुआ प्रोडक्शन

प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर ‘स्पीड और स्केल’ का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अब बदल चुका है। बता दें कि इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास सितंबर 2023 में किया गया था और रिकॉर्ड समय में, यानी फरवरी 2026 तक यहां कमर्शियल प्रोडक्शन (व्यावसायिक उत्पादन) शुरू हो गया है। पीएम ने कहा, “आज साणंद में हम नए भविष्य का उदय देख रहे हैं। माइक्रोन की यह फैसिलिटी ग्लोबल टेक्नोलॉजी वैल्यू चेन में भारत की भूमिका को चट्टान की तरह मजबूत करेगी।”

22,500 करोड़ का निवेश और 5 लाख वर्ग फुट का ‘क्लीनरूम’

माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी इंडिया का यह प्रोजेक्ट भारत के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है। पीएमओ के अनुसार, यह संयंत्र जब अपनी पूरी क्षमता से काम करेगा, तो इसमें लगभग 5 लाख वर्ग फुट का क्लीनरूम एरिया होगा। यह इसे दुनिया के सबसे बड़े ‘रेज्ड-फ्लोर क्लीनरूम’ में से एक बना देगा। यह प्लांट न केवल भारत की जरूरतें पूरी करेगा, बल्कि दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग के लिए जरूरी मेमोरी और स्टोरेज समाधानों की वैश्विक मांग को भी पूरा करेगा।

यूपी से असम तक फैलेगा सेमीकंडक्टर का जाल

संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम अब किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि साणंद के अलावा धोलेरा में भी युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के नोएडा, असम, ओडिशा और पंजाब में भी सेमीकंडक्टर यूनिट्स पर तेजी से काम आगे बढ़ रहा है। सरकार अब तक ‘सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम’ के तहत कुल 10 बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे चुकी है, जिनमें से तीन और प्रोजेक्ट जल्द ही उत्पादन शुरू करने वाले हैं।

चीन-ताइवान के दबदबे को चुनौती देगा भारत

विशेषज्ञों का मानना है कि माइक्रोन के इस प्लांट के शुरू होने से भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स आयात पर निर्भरता कम होगी। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि अभी तक भारत अपनी सॉफ्टवेयर शक्ति के लिए दुनिया में मशहूर था, लेकिन अब हार्डवेयर के क्षेत्र में भी हमारी पहचान सशक्त हो रही है। इस प्लांट से न केवल हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि भारत ग्लोबल सप्लाई चेन का एक विश्वसनीय केंद्र बनकर उभरेगा।

Check Also

रिजिजू के एक लेटर ने बदल दिया सियासी खेल, एक महीने बाद विपक्ष ने ऐसे बिगाड़ा सरकार का पूरा गणित

नई दिल्ली। केंद्र की राजनीति में एक महीने पहले लिखे गए एक पत्र ने अब …