इंडियन कोस्ट गार्ड को मिलेंगे एडवांस हेलिकॉप्टर, नेवी होगी और ताकतवर; रक्षा मंत्रालय ने ‘श्टिल’ मिसाइल सिस्टम के लिए किया बड़ा कॉन्ट्रैक्ट साइन

नई दिल्ली। भारत की समुद्री सुरक्षा को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रक्षा मंत्रालय ने इंडियन कोस्ट गार्ड और भारतीय नौसेना के लिए अहम रक्षा सौदों पर मुहर लगा दी है। इस फैसले के तहत इंडियन कोस्ट गार्ड को आधुनिक क्षमताओं से लैस एडवांस हेलिकॉप्टर मिलेंगे, जबकि भारतीय नौसेना के युद्धपोतों को ‘श्टिल’ मिसाइल सिस्टम से सुसज्जित किया जाएगा। इन समझौतों से देश की तटीय निगरानी, समुद्री सुरक्षा और हवाई रक्षा क्षमता में उल्लेखनीय इजाफा होने की उम्मीद है।

तटीय सुरक्षा को मिलेगा नया आयाम

रक्षा मंत्रालय द्वारा किए गए इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत इंडियन कोस्ट गार्ड के बेड़े में अत्याधुनिक हेलिकॉप्टर शामिल किए जाएंगे। ये हेलिकॉप्टर लंबी दूरी की समुद्री गश्त, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन, आपदा राहत कार्य और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में सक्षम होंगे।
समुद्री सीमाओं पर बढ़ती चुनौतियों, तस्करी, अवैध घुसपैठ और समुद्री आपदाओं को देखते हुए इन हेलिकॉप्टरों की तैनाती को बेहद अहम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नई तकनीक से लैस ये प्लेटफॉर्म खराब मौसम और रात के समय भी प्रभावी ऑपरेशन को अंजाम दे सकेंगे।

नौसेना को ‘श्टिल’ मिसाइल सिस्टम से मिलेगी ताकत

भारतीय नौसेना के लिए ‘श्टिल’ मिसाइल सिस्टम की खरीद को भी रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह मिसाइल प्रणाली दुश्मन के हवाई खतरों—जैसे लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर और ड्रोन—को मध्यम दूरी पर मार गिराने की क्षमता रखती है।
युद्धपोतों पर इस सिस्टम की तैनाती से नौसेना की एयर डिफेंस क्षमता और मजबूत होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, समुद्री युद्धक रणनीति में तेजी से बदलते परिदृश्य के बीच आधुनिक मिसाइल सिस्टम की उपलब्धता भारतीय नौसेना को तकनीकी बढ़त दिलाएगी।

‘मेक इन इंडिया’ को भी मिलेगा बढ़ावा

रक्षा मंत्रालय के इन सौदों से देश में रक्षा उत्पादन और तकनीकी सहयोग को भी गति मिलने की संभावना है। सरकार लगातार ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्वदेशी रक्षा निर्माण को प्रोत्साहित कर रही है। ऐसे में इन समझौतों से घरेलू उद्योग और रक्षा क्षेत्र की कंपनियों को भी फायदा होगा।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर सकारात्मक असर

हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती सामरिक गतिविधियों और समुद्री सुरक्षा चुनौतियों के बीच यह फैसला भारत की रणनीतिक तैयारी को दर्शाता है। इंडियन कोस्ट गार्ड और नौसेना दोनों ही समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं। आधुनिक हेलिकॉप्टर और उन्नत मिसाइल सिस्टम की तैनाती से भारत की समुद्री ताकत और विश्वसनीयता में वृद्धि होगी।

रक्षा मंत्रालय के इस कदम को देश की दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले समय में इन प्लेटफॉर्म्स की डिलीवरी और तैनाती के बाद समुद्री सुरक्षा ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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