नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक ने दोनों देशों के रिश्तों में एक नया अध्याय लिख दिया है। भारत और ब्राजील ने न केवल व्यापारिक बाधाओं को दूर किया है, बल्कि भविष्य की तकनीक और दुर्लभ खनिजों (Rare Earth Minerals) के क्षेत्र में भी हाथ मिला लिया है। इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा उन भारतीय कारोबारियों को होगा जो ब्राजील के साथ व्यापार करना चाहते हैं।
आइए, 10 पॉइंट्स में समझते हैं इस मेगा डील की सबसे खास बातें:
1. भारतीय कारोबारियों के लिए 10 साल का बिजनेस वीजा
ब्राजील सरकार ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। अब भारतीयों के लिए बिजनेस वीजा की अवधि को बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया है। इस कदम से दोनों देशों के बीच व्यापारिक आवाजाही आसान होगी और आर्थिक संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे।
2. दुर्लभ खनिजों (Rare Earth Elements) पर बड़ी साझेदारी
भारत और ब्राजील अब ‘रेयर अर्थ एलिमेंट्स’ और जरूरी मिनरल्स के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। इसमें टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, रिसर्च और खनिजों की खोज (Exploration) पर विशेष जोर दिया जाएगा। यह समझौता भारत को प्रोसेसिंग और रीसाइक्लिंग तकनीक में ब्राजील के अनुभव का लाभ दिलाएगा।
3. ‘विकसित भारत’ की राह होगी आसान
खनिजों और संसाधनों की सुरक्षित आपूर्ति से भारत के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी। खासकर स्टील सप्लाई चेन के लिए खनिज संसाधनों को सुरक्षित करने में यह डील गेम-चेंजर साबित होगी।
4. डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और ‘भारत स्टैक’
दोनों देशों ने डिजिटल पार्टनरशिप के लिए एक साझा घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत ‘भारत स्टैक’ फ्रेमवर्क को ब्राजील में लागू करने में तेजी आएगी। साथ ही हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, क्वांटम टेक और ब्लॉकचेन जैसे भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा।
5. एमएसएमई (MSME) और हस्तशिल्प को बढ़ावा
भारतीय छोटे उद्यमियों (MSMEs) और शिल्पकारों के लिए यह डील नए बाजार खोलेगी। भारतीय उत्पादों और क्राफ्ट्स को ब्राजील के बाजारों में जगह दिलाने के लिए विशेष सहयोग योजना बनाई गई है।
6. डाक सेवा और ई-कॉमर्स में सुधार
पोस्टल सेक्टर में सहयोग बढ़ने से दोनों देशों के बीच ई-कॉमर्स और वित्तीय सेवाओं का लेन-देन तेज होगा। इससे लॉजिस्टिक्स और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान में सुधार आएगा।
7. आयुर्वेद और भारतीय दवाओं को ग्लोबल पहचान
भारत की ‘ट्रेडिशनल नॉलेज डिजिटल लाइब्रेरी’ (TKDL) तक अब ब्राजील की पहुंच होगी। भारतीय आयुष और होम्योपैथी फार्माकोपिया को मान्यता देने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है, जिससे भारतीय दवाओं का निर्यात आसान होगा।
8. हेल्थ और ड्रग रेगुलेशन में तालमेल
भारत के CDSCO और ब्राजील की हेल्थ रेगुलेटरी एजेंसी के बीच सहयोग बढ़ेगा। इससे भारतीय फार्मा कंपनियों को ब्राजील के रेगुलेटरी फ्रेमवर्क में अपनी जगह बनाने और दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
9. शिक्षा और रिसर्च में ‘स्टूडेंट एक्सचेंज’
भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) और ब्राजील की मिनास गेरैस यूनिवर्सिटी के बीच समझौता हुआ है। इसके तहत छात्र और फैकल्टी एक-दूसरे के संस्थानों और लैब सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
10. फिल्म और मीडिया में साझा प्रोजेक्ट्स
सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन संस्थान और साओ पाउलो यूनिवर्सिटी के बीच मीडिया और फिल्म निर्माण को लेकर हाथ मिलाया गया है। अब दोनों देशों के फिल्म निर्माता और छात्र जॉइंट प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकेंगे।
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