गुजरात बनेगा भारत का अगला स्पेस हब! गिर सोमनाथ में तीसरे सैटेलाइट लॉन्च सेंटर की तैयारी तेज

नई दिल्ली: भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में अपनी ताकत को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। देश में तीसरे सैटेलाइट लॉन्च सेंटर की स्थापना को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। संभावना जताई जा रही है कि यह नया स्पेसपोर्ट गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में विकसित किया जाएगा। इस कदम को भारत की स्पेस क्षमताओं के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है, जहां पहले से दो प्रमुख लॉन्च सेंटर सक्रिय या निर्माणाधीन हैं।

श्रीहरिकोटा और तमिलनाडु के बाद अब गुजरात की बारी

वर्तमान में आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित ISRO का प्रमुख लॉन्च सेंटर देश की अंतरिक्ष गतिविधियों का केंद्र है। इसके अलावा तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले के कुलसेकरपट्टिनम में दूसरा स्पेसपोर्ट तेजी से विकसित किया जा रहा है। अब इसी कड़ी में तीसरे लॉन्च सेंटर के रूप में गुजरात का नाम उभरकर सामने आया है।

गिर सोमनाथ में तय हुआ संभावित स्थान

गुजरात सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि गिर सोमनाथ के पास अरब सागर तट के किनारे एक उपयुक्त स्थान की पहचान कर ली गई है। यह स्थान दीव और कोडिनार के बीच स्थित है, जिसे भविष्य में सैटेलाइट लॉन्चिंग के लिए विकसित किया जा सकता है। इस साइट का चयन विशेषज्ञ संस्था IN-SPACe के साथ विचार-विमर्श के बाद किया गया है।

रणनीतिक रूप से अहम क्यों है यह स्पेसपोर्ट

समुद्र तट के करीब होने की वजह से यह स्थान रॉकेट लॉन्चिंग के लिहाज से बेहद अनुकूल माना जा रहा है। ऐसे स्थानों से लॉन्च करने पर सुरक्षा जोखिम कम होते हैं और मिशन की सफलता की संभावना बढ़ती है। यही कारण है कि श्रीहरिकोटा भी समुद्र के किनारे स्थित है।

गुजरात सरकार का बड़ा स्पेस विजन

राज्य सरकार केवल लॉन्च सेंटर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर निवेश आकर्षित करने की तैयारी भी कर रही है। साणंद के पास करीब 100 एकड़ में स्पेस पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां निजी कंपनियों को अत्याधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी।

निजी कंपनियों की भी बढ़ती भागीदारी

गुजरात में अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी निवेश भी तेजी से बढ़ रहा है। मंत्री ने जानकारी दी कि एक निजी एयरोस्पेस कंपनी ने करीब 500 करोड़ रुपये के निवेश से छोटे सैटेलाइट्स का निर्माण शुरू कर दिया है। इससे साफ है कि भारत अब सरकारी ही नहीं, बल्कि निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ स्पेस सेक्टर में नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।

भारत के स्पेस मिशन को मिलेगा नया बूस्ट

अगर गिर सोमनाथ में यह तीसरा लॉन्च सेंटर विकसित होता है, तो भारत की लॉन्चिंग क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। इससे अधिक सैटेलाइट्स को कम समय में लॉन्च करना संभव होगा और वैश्विक स्पेस मार्केट में भारत की स्थिति और मजबूत होगी।

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