
उत्तर प्रदेश सरकार ने विकास और ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए सोमवार को अहम फैसले लिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 37 प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई। इन फैसलों में सबसे ज्यादा चर्चा गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की योजना को लेकर हो रही है, जिससे पूर्वांचल के इस प्रमुख शहर को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
गोरखपुर को मिलेगी नई पहचान
कैबिनेट के फैसले के तहत गोरखपुर को सोलर सिटी बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है। इसके लिए चिलुआताल में 20 मेगावॉट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा। यह प्लांट पानी की सतह पर लगाया जाएगा, जिससे जमीन की बचत होगी और ऊर्जा उत्पादन भी अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा।
फ्लोटिंग सोलर प्लांट क्यों है खास
फ्लोटिंग सोलर प्लांट पारंपरिक सोलर प्रोजेक्ट्स की तुलना में अधिक उपयोगी माने जाते हैं। जलाशयों पर स्थापित होने के कारण इनकी दक्षता बढ़ जाती है और वाष्पीकरण भी कम होता है। चिलुआताल में प्रस्तावित यह परियोजना न सिर्फ बिजली उत्पादन को बढ़ाएगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगी।
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर कदम
सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जाए। गोरखपुर में बनने वाला यह प्लांट स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देगा। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
विकास योजनाओं को मिली रफ्तार
कैबिनेट में पास किए गए 37 प्रस्तावों में कई अन्य विकास योजनाएं भी शामिल हैं, जो प्रदेश के बुनियादी ढांचे, रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति देने का काम करेंगी। सरकार का फोकस साफ तौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर और सतत विकास पर नजर आ रहा है।
Hindustan Awaaz – ताज़ा हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया