नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट जगत से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसने फैंस की धड़कनें तेज कर दी हैं। क्या टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर अपने पद से इस्तीफा देकर दोबारा आईपीएल (IPL) का रुख करने वाले हैं? रिपोर्ट्स की मानें तो आईपीएल की पूर्व चैंपियन राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) ने गंभीर को एक ऐसा ‘मेगा ऑफर’ दिया है, जिसे ठुकराना किसी भी दिग्गज के लिए आसान नहीं होगा। इस ऑफर में न केवल बड़ी जिम्मेदारी है, बल्कि टीम की हिस्सेदारी (Partnership) भी शामिल है।
राजस्थान रॉयल्स में ‘पार्टनर’ बनेंगे गंभीर?
दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान रॉयल्स के मालिकाना हक (Ownership) में बड़े बदलाव होने की संभावना है। खबर है कि फ्रेंचाइजी के संभावित नए मालिकों में से एक ने गौतम गंभीर को टीम के साथ CEO, मेंटर और पार्टनर के तौर पर जुड़ने का प्रस्ताव दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गंभीर को टीम में 2 से 3 प्रतिशत की माइनॉरिटी इक्विटी स्टेक (हिस्सेदारी) ऑफर की गई है। यानी अगर यह डील होती है, तो गंभीर सिर्फ कोच या मेंटर नहीं बल्कि टीम के मालिकों में शुमार होंगे।
IPL के ‘मिडास टच’ हैं गौतम गंभीर
राजस्थान रॉयल्स की गंभीर में दिलचस्पी की बड़ी वजह उनका आईपीएल रिकॉर्ड है। गंभीर ने बतौर कप्तान कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को दो बार चैंपियन बनाया। इसके बाद लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को अपने मार्गदर्शन में लगातार दो बार प्लेऑफ तक पहुंचाया। साल 2024 में जब वे मेंटर बनकर केकेआर वापस लौटे, तो टीम ने तीसरी बार खिताब अपने नाम किया। उनके इसी ‘विनिंग फॉर्मूले’ को भुनाने के लिए राजस्थान रॉयल्स ने दांव लगाया है।
‘एक व्यक्ति, एक पद’ का नियम बना बड़ी बाधा
गंभीर के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें और सुप्रीम कोर्ट का ‘एक व्यक्ति, एक पद’ का नियम है। कोई भी व्यक्ति भारतीय राष्ट्रीय टीम का कोच रहते हुए आईपीएल फ्रेंचाइजी से नहीं जुड़ सकता और न ही उसमें हिस्सेदारी रख सकता है। ऐसे में अगर गंभीर राजस्थान रॉयल्स का यह लुभावना ऑफर स्वीकार करते हैं, तो उन्हें टीम इंडिया के हेड कोच पद से इस्तीफा देना होगा।
2027 वर्ल्ड कप और 2028 ओलंपिक का सपना
फिलहाल गौतम गंभीर का बीसीसीआई के साथ कॉन्ट्रैक्ट 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक है। गंभीर ने हमेशा देश को प्राथमिकता दी है और वे भारत को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में मेडल दिलाने का लक्ष्य भी जाहिर कर चुके हैं। ऐसे में क्या वो बीच मझधार में टीम इंडिया का साथ छोड़कर आईपीएल की चकाचौंध और मालिकाना हक को चुनेंगे? यह सवाल अभी भविष्य के गर्भ में है। फिलहाल बीसीसीआई और गंभीर की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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