मुंबई-गोवा हाईवे की देरी पर गडकरी का बड़ा बयान, बोले- शर्म आती है; 94% काम पूरा, उद्घाटन में नहीं जाऊंगा

मुंबई-गोवा हाईवे को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का सख्त रुख सामने आया है। हाईवे के निर्माण में लगातार हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए गडकरी ने कहा कि उन्हें इस परियोजना की स्थिति पर शर्म आती है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब तक काम पूरी तरह संतोषजनक तरीके से पूरा नहीं होता, वह इसके उद्घाटन में शामिल होने नहीं जाएंगे। फिलहाल मुंबई-गोवा हाईवे का करीब 94 फीसदी काम पूरा होने की बात सामने आई है।

94 फीसदी काम पूरा, फिर भी बनी हुई है देरी

मुंबई-गोवा हाईवे लंबे समय से निर्माण और पूरा होने की समयसीमा को लेकर चर्चा में रहा है। परियोजना का 94 फीसदी काम पूरा होने के बावजूद बाकी हिस्से के निर्माण में देरी ने सवाल खड़े किए हैं। इसी मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नाराजगी जाहिर करते हुए परियोजना को लेकर अपनी असहमति स्पष्ट कर दी।

गडकरी ने कहा कि उन्हें इस तरह की देरी पर शर्म आती है। उनके बयान से साफ है कि सरकार हाईवे परियोजनाओं को समय पर पूरा करने को लेकर अब सख्त रुख अपना रही है।

उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होंगे गडकरी

मुंबई-गोवा हाईवे को लेकर अपने रुख को स्पष्ट करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि वह इसके उद्घाटन में नहीं जाएंगे। उनका यह बयान परियोजना में हो रही देरी और निर्माण कार्य की गति को लेकर उनकी नाराजगी को दर्शाता है।

हाईवे के पूरा होने से मुंबई और गोवा के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की उम्मीद है। ऐसे में परियोजना के शेष काम को पूरा करना अब प्रमुख चुनौती माना जा रहा है।

तीन साल में 103 ठेकेदार ब्लैकलिस्ट

सरकार ने निर्माण परियोजनाओं में लापरवाही और काम में खामियों को लेकर ठेकेदारों पर भी कार्रवाई की है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, पिछले तीन साल में सरकार ने 103 ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया है।

यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि सड़क और हाईवे परियोजनाओं में काम की गुणवत्ता तथा तय समयसीमा को लेकर सरकार ने सख्ती बढ़ाई है। मुंबई-गोवा हाईवे में देरी के बीच ठेकेदारों पर हुई कार्रवाई का मुद्दा भी अहम हो गया है।

मुंबई-गोवा हाईवे पर क्यों टिकी हैं निगाहें?

मुंबई-गोवा हाईवे महाराष्ट्र और गोवा के बीच महत्वपूर्ण सड़क संपर्क का हिस्सा है। लंबे समय से चल रही इस परियोजना के पूरा होने का इंतजार यात्रियों और सड़क परिवहन से जुड़े लोगों को है। परियोजना का अधिकांश काम पूरा होने के बाद अब बचे हुए हिस्से को समय पर पूरा करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

नितिन गडकरी के बयान के बाद मुंबई-गोवा हाईवे के शेष निर्माण कार्य, उसकी समयसीमा और जिम्मेदार एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर ध्यान केंद्रित हुआ है। सरकार की ओर से ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई और परियोजनाओं में देरी को लेकर सख्त संदेश दिए जाने से आने वाले समय में काम की गति पर नजर रहेगी।

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