ईरान हमले के डर से UAE से भागे विदेशी, अपने पालतू कुत्ते-बिल्ली को छोड़ गए लावारिस; सोशल मीडिया पर मचा बवाल, दुनियाभर में हो रही आलोचना


मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से जुड़ी एक खबर ने दुनियाभर में लोगों को झकझोर दिया है। ईरान के संभावित हमले की आशंका के बीच कई विदेशी नागरिक जल्दबाजी में देश छोड़कर निकल गए, लेकिन अपने पालतू कुत्ते और बिल्लियों को घरों में ही लावारिस छोड़ गए। इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और लोगों में भारी नाराजगी है।

जल्दबाजी में देश छोड़ते वक्त पालतू जानवरों को छोड़ा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और हमले की आशंका से घबराए कई विदेशी नागरिकों ने अचानक यूएई से निकलने का फैसला किया। इस दौरान उन्होंने अपने घरों में पल रहे पालतू कुत्ते और बिल्लियों को साथ ले जाने की बजाय वहीं छोड़ दिया। कई अपार्टमेंट और विला में ऐसे पालतू जानवर पाए गए जो कई दिनों से बिना देखभाल के बंद घरों में रह रहे थे।

स्थानीय पशु कल्याण संगठनों और रेस्क्यू टीमों ने जब इन घरों में पहुंचकर हालात देखे तो कई जानवर भूखे-प्यासे और बेहद कमजोर हालत में मिले। इसके बाद यह मामला तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

एनिमल रेस्क्यू संगठनों ने शुरू किया बचाव अभियान

जानकारी के अनुसार, स्थानीय एनिमल रेस्क्यू ग्रुप और स्वयंसेवकों ने बड़ी संख्या में पालतू जानवरों को बचाने का अभियान शुरू किया है। कई अपार्टमेंट्स से कुत्तों और बिल्लियों को निकालकर अस्थायी शेल्टर में रखा जा रहा है। कुछ जानवरों को तुरंत चिकित्सा सहायता भी देनी पड़ी क्योंकि वे लंबे समय से भूखे-प्यासे थे।

रेस्क्यू टीमों का कहना है कि कई मामलों में घरों के अंदर खाना-पानी खत्म हो चुका था और जानवर बेहद परेशान हालत में मिले। ऐसे में उन्हें तत्काल बाहर निकालकर सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया।

सोशल मीडिया पर विदेशियों की हो रही कड़ी आलोचना

इस घटना के सामने आने के बाद दुनियाभर में लोगों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई है। यूजर्स का कहना है कि संकट की घड़ी में अपने पालतू जानवरों को यूं छोड़ देना अमानवीय है। कई लोगों ने इसे गैरजिम्मेदाराना और क्रूर व्यवहार बताया है।

एनिमल लवर्स और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने भी इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि पालतू जानवर परिवार का हिस्सा होते हैं, ऐसे में उन्हें लावारिस छोड़ देना बेहद शर्मनाक है।

पशु अधिकार संगठनों ने सख्त कानून की मांग उठाई

घटना के बाद कई पशु अधिकार संगठनों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि अगर कोई व्यक्ति पालतू जानवर पालता है तो संकट के समय भी उसकी जिम्मेदारी निभाना जरूरी है।

संगठनों का मानना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पालतू जानवरों को छोड़कर भागने वालों पर जुर्माना या कानूनी कार्रवाई जैसी सख्त व्यवस्था होनी चाहिए।

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