नेपाल में बाढ़ की तबाही के बीच PM बालेन शाह का ‘थैंक्यू इंडिया’, संसद में बोले- सही समय पर पड़ोसी देशों ने बढ़ाया मदद का हाथ

सात दिन में 1127 मौतें, हजारों लोग अब भी लापता; संसद में पीएम बालेन शाह ने भारत-चीन की मदद को सराहा

काठमांडू: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बाद हालात अब भी बेहद गंभीर बने हुए हैं। आपदा के सात दिन बाद भी राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाल पुलिस के ताजा आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,127 हो गई है, जबकि हजारों लोग अभी भी लापता हैं। इसी बीच नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बुधवार को संसद में आपदा की स्थिति और सरकार की ओर से किए जा रहे राहत कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने संकट की घड़ी में मदद पहुंचाने वाले पड़ोसी देशों भारत और चीन का विशेष तौर पर आभार जताया।

संसद में बोले बालेन शाह- इतनी बड़ी आपदा में मदद से इनकार का सवाल नहीं

प्रधानमंत्री बालेन शाह ने संसद में कहा कि इतनी बड़ी प्राकृतिक आपदा के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग लेने से इनकार करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेपाल ने आपदा के पहले दिन से ही अंतरराष्ट्रीय सहयोग लेना शुरू कर दिया था। शाह के मुताबिक, भारत और चीन समेत मित्र देशों ने संकट की गंभीरता को देखते हुए तेजी से तकनीकी और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पड़ोसी देशों की ओर से समय पर मिली मदद से प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन करने, वहां पहुंच की संभावनाओं को समझने और राहत एवं बचाव अभियान को आगे बढ़ाने में सहायता मिली। उन्होंने भारत और चीन की ओर से भेजे गए तकनीकी दलों और सहयोग के लिए धन्यवाद जताया।

भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, पांचवां राहत विमान भी रवाना

नेपाल में बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच भारत की ओर से राहत और बचाव सहायता लगातार पहुंचाई जा रही है। बुधवार को भारत का पांचवां विमान नेपाल के लिए रवाना हुआ। विदेश मंत्री एस जयशंकर के मुताबिक, इस विमान में 11 सदस्यीय विशेष बचाव दल, राहत-बचाव से जुड़े उपकरण और करीब 5.5 टन जरूरी दवाएं भेजी गई हैं। इससे पहले भी भारत कई विमानों के जरिए नेपाल को राहत सामग्री पहुंचा चुका है।

भारत की मदद में राहत सामग्री के साथ विशेषज्ञ बचाव दल और मेडिकल संसाधन भी शामिल हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान को गति देने के लिए भारतीय टीम स्थानीय स्तर पर जरूरी तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रही है।

नेपाल में मौतों का आंकड़ा 1127 पहुंचा, 4858 लोग लापता

नेपाल पुलिस के बुधवार के आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ की त्रासदी में अब तक 1,127 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 4,858 लोगों के अभी भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा बल प्रभावित इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं और मलबे तथा बाढ़ के पानी से शवों को निकालने का काम जारी है।

सबसे ज्यादा मौतें चितवन और नवलपरासी के इलाकों में दर्ज हुई हैं। चितवन में 348, नवलपरासी ईस्ट में 217, नवलपरासी वेस्ट में 190 और नुवाकोट में 155 शव बरामद किए गए हैं। इसके अलावा गोरखा में 66, धादिंग में 59, रसुवा में 45 और तनहूं में 38 शव मिलने की जानकारी दी गई है। भारत में भी नेपाल बाढ़ से जुड़े नौ शव बरामद किए गए हैं।

राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी

नेपाल में बाढ़ से प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान को सुरक्षा बलों ने तेज कर दिया है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, मलबे से बंद सड़कों को खोलने और जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाने का काम जारी है। बड़ी संख्या में लोगों के अब भी लापता होने के कारण तलाशी अभियान पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

नेपाल में यह भीषण आपदा 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास अचानक आई बाढ़ के बाद शुरू हुई थी। बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई इलाकों को प्रभावित किया और सड़क, पुल, बस्तियों तथा जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया। मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार बदलते मौसम के कारण बचाव अभियान में भी चुनौतियां बनी हुई हैं।

बाढ़ की तबाही के बीच भारत-नेपाल सहयोग की चर्चा

नेपाल की संसद में प्रधानमंत्री बालेन शाह का भारत और चीन को धन्यवाद देना ऐसे समय में सामने आया है, जब देश बड़े मानवीय संकट से जूझ रहा है। शाह ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि इतनी बड़ी आपदा के दौरान मित्र देशों से मिलने वाली तकनीकी और मानवीय सहायता महत्वपूर्ण है। भारत की ओर से लगातार राहत सामग्री और विशेष बचाव दल भेजे जाने से दोनों देशों के बीच आपदा के समय सहयोग एक बार फिर चर्चा में है।

Check Also

ईरान पर अमेरिकी मिसाइलों की बरसात, 12 की मौत और 68 घायल; जवाब में जॉर्डन-बहरीन तक पहुंची तेहरान की स्ट्राइक

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। …