गिरफ्तारी की आशंका से शंकराचार्य की हाईकोर्ट में शरण, बोले- प्रयागराज में रची जा रही साजिश, IPS अजय पाल पर गंभीर आरोप

धार्मिक जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां शंकराचार्य ने अपनी संभावित गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रयागराज में तैनात IPS अधिकारी अजय पाल उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं और पूरा सिस्टम उनके विरुद्ध खड़ा किया जा रहा है। इस मामले ने प्रशासनिक और धार्मिक हलकों में हलचल मचा दी है।
हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका
शंकराचार्य की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की तैयारी की जा रही है। इसी आशंका के चलते उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है। याचिका में स्पष्ट तौर पर उल्लेख किया गया है कि प्रशासनिक स्तर पर उनके खिलाफ योजनाबद्ध कार्रवाई की जा रही है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और स्वतंत्रता दोनों पर खतरा मंडरा रहा है।
IPS अधिकारी पर साजिश रचने का आरोप
याचिका में IPS अजय पाल पर सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि वे व्यक्तिगत द्वेष के चलते कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। शंकराचार्य का दावा है कि उन्हें बिना ठोस आधार के कानूनी पचड़ों में उलझाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि उन्हें किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई से संरक्षण प्रदान किया जाए।
‘पूरा सिस्टम मेरे खिलाफ’ – शंकराचार्य का दावा
शंकराचार्य ने अपनी याचिका में कहा है कि स्थानीय प्रशासन से लेकर पुलिस महकमे तक का रवैया उनके प्रति निष्पक्ष नहीं है। उनका कहना है कि उन्हें न्यायपालिका से ही निष्पक्ष सुनवाई और सुरक्षा की उम्मीद है। इस प्रकरण ने धार्मिक संगठनों के बीच भी चर्चा तेज कर दी है और समर्थकों ने इसे आस्था पर हमला बताया है।
कानूनी विशेषज्ञों की नजर इस मामले पर
कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि किसी व्यक्ति को गिरफ्तारी की आशंका होती है तो वह अग्रिम जमानत या सुरक्षा की मांग के लिए उच्च न्यायालय का रुख कर सकता है। अब देखना होगा कि हाईकोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है और प्रशासन को क्या निर्देश जारी करता है। फिलहाल यह मामला प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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