
कोलकाता, 01 अप्रैल 2026: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्थानीय रियल एस्टेट डेवलपर सोना पप्पू के खिलाफ बम्पर छापेमारी शुरू कर दी है। दक्षिण कोलकाता के बालीगंज सहित कुल 6 अलग‑अलग ठिकानों पर ED की टीम ने simultanious रेड चलाई है। एजेंसी का आरोप है कि सोना पप्पू ने फ्लैट देने के नाम पर ग्राहकों से करोड़ों रुपये जमा कराए, लेकिन प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं किया गया और पैसों की हेराफेरी व मनी लॉन्ड्रिंग का भी मामला सामने आया है। इस बड़े ऑपरेशन ने शहर में सनसनी फैला दी है।
ED की कार्रवाई: क्या है मामला?
ED की जांच में आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के नाम पर जनता से धन इकट्ठा किया, लेकिन ग्राहकों को फ्लैट उपलब्ध नहीं कराए। एजेंसी का कहना है कि पैसों के लेन‑देने और निवेश के नाम पर गबन तथा मनी लॉन्ड्रिंग के क्लियर सबूत मिले हैं। एजेंसी ने सोना पप्पू के घर के साथ‑साथ उनकी कंपनियों और सहयोगियों के ठिकानों पर तलाशी शुरू कर दी है और सभी दस्तावेज तथा डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए जा रहे हैं।
जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय की टीम को पुलिस सुरक्षा और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ तड़के सुबह से ही एक्शन में देखा गया। ED अधिकारी यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि मामले में शामिल अन्य सहयोगियों तथा फर्जी कंपनियों की भी पहचान हो। छापेमारी के दौरान कागजात, बैंक स्टेटमेंट और डिजिटल चैनलों की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि पैसों की गतिविधियों का पूरा ट्रेल सामने लाया जा सके।
चुनावी माहौल में बढ़ी चर्चा
यह कार्रवाई उन समय में हो रही है जब पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं, जिससे राजनीतिक खामोशियों के बीच तैयारियों और जांचों वाले एजेंसियों के रोल पर भी बहस शुरू हो गई है। हालांकि ED अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई कानून के दायरे में और सबूतों के आधार पर की जा रही है, न कि किसी राजनीतिक दबाव के तहत।
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