प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बांग्लादेश में सामने आई उन घटनाओं का भी उल्लेख किया गया, जिनमें हिंदू देवी-देवताओं के अपमान की खबरें सामने आई हैं।

नई दिल्ली। भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान के कश्मीर को लेकर किए जाने वाले दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। मंगलवार को आयोजित विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में भारत ने पाकिस्तान की ओर से उठाए गए मुद्दों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। इसके साथ ही बांग्लादेश में हिंदू देवी-देवताओं के अपमान की हालिया घटनाओं को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई और वहां की सरकार से अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई।

कश्मीर पर पाकिस्तान के दावों को भारत ने किया खारिज

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि पाकिस्तान लगातार कश्मीर को लेकर भ्रामक और तथ्यहीन बयान देता रहा है। भारत का रुख पहले की तरह स्पष्ट है और जम्मू-कश्मीर से जुड़ा हर मामला देश का आंतरिक विषय है। मंत्रालय ने दोहराया कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।

बांग्लादेश में हिंदू देवी-देवताओं के अपमान पर जताई चिंता

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बांग्लादेश में सामने आई उन घटनाओं का भी उल्लेख किया गया, जिनमें हिंदू देवी-देवताओं के अपमान की खबरें सामने आई हैं। भारत ने इन घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करना किसी भी लोकतांत्रिक सरकार की जिम्मेदारी होती है।

विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि बांग्लादेश सरकार मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी और देश में रहने वाले अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाएगी।

खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर भी रखी नजर

विदेश मंत्रालय ने खाड़ी क्षेत्र में जारी हालात पर भी जानकारी साझा की। मंत्रालय के अनुसार भारत क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर लगातार नजर बनाए हुए है और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

अधिकारियों ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखी जा रही हैं और संबंधित देशों के साथ लगातार संपर्क बना हुआ है।

कतर हादसे और भारतीय नागरिकों को लेकर दी जानकारी

प्रेस वार्ता में कतर से जुड़े हालिया घटनाक्रमों पर भी चर्चा की गई। विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और भारतीय नागरिकों से जुड़े मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

ऊर्जा सुरक्षा और विदेश नीति पर भारत का फोकस

विदेश मंत्रालय ने भारत की ऊर्जा जरूरतों और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। मंत्रालय ने कहा कि भारत की प्राथमिकता अपने नागरिकों और अर्थव्यवस्था की ऊर्जा आवश्यकताओं को सुरक्षित रखना है। इसके लिए विभिन्न देशों के साथ सहयोग और संतुलित विदेश नीति को आगे बढ़ाया जा रहा है।

भारत ने यह भी संकेत दिया कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद देश अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।

भारत ने दिया स्पष्ट संदेश

साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भारत ने पाकिस्तान के कश्मीर संबंधी बयानों पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें खारिज किया, वहीं बांग्लादेश में हिंदू समुदाय से जुड़ी घटनाओं पर चिंता व्यक्त कर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा खाड़ी क्षेत्र, कतर और ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी भारत का रुख सामने आया।

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