
वॉशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए बताया कि स्विट्जरलैंड की प्रधानमंत्री के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद उन्होंने उस देश पर 9 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया। ट्रंप के मुताबिक उन्हें बातचीत का अंदाज पसंद नहीं आया, जिसके बाद उन्होंने पहले से तय टैरिफ को और बढ़ा दिया। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका की व्यापार नीति और टैरिफ को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस तेज है।
फॉक्स न्यूज इंटरव्यू में किया खुलासा
डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि स्विट्जरलैंड अमेरिका में अपने उत्पाद बेचता रहा, लेकिन बदले में अमेरिका को भारी व्यापार घाटा झेलना पड़ा। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका का स्विट्जरलैंड के साथ 42 अरब डॉलर का ट्रेड डेफिसिट था और इसके बावजूद अमेरिका कोई टैरिफ नहीं वसूल रहा था। उन्होंने कहा कि इस असंतुलन को देखते हुए 30 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला किया गया।
ट्रंप ने आगे बताया कि 30 प्रतिशत टैरिफ भी उनके मुताबिक कम था, लेकिन फिलहाल इतना ही लागू किया गया। इसी बीच उन्हें एक ‘इमरजेंसी कॉल’ आया, जो कथित तौर पर स्विट्जरलैंड की प्रधानमंत्री का था।
‘आक्रामक लहजा’ और 9% अतिरिक्त टैरिफ
ट्रंप के बयान के मुताबिक, फोन पर स्विस प्रधानमंत्री ने अपने देश को छोटा बताते हुए टैरिफ पर आपत्ति जताई। ट्रंप ने दावा किया कि बातचीत के दौरान उन्हें प्रधानमंत्री का लहजा आक्रामक लगा और यह उन्हें पसंद नहीं आया।
उनके शब्दों में, जब बार-बार यह कहा गया कि स्विट्जरलैंड एक छोटा देश है, तब उन्होंने जवाब दिया कि आकार छोटा हो सकता है, लेकिन 42 अरब डॉलर का व्यापार घाटा छोटा नहीं है। ट्रंप ने कहा कि फोन कॉल के बाद उन्होंने टैरिफ घटाने के बजाय 9 प्रतिशत और बढ़ा दिया, जिससे कुल टैरिफ 39 प्रतिशत हो गया।
भारत के लिए क्या संकेत?
ट्रंप के इस खुलासे ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि उनके प्रशासन के दौरान अन्य देशों के साथ व्यापार वार्ताएं कितनी चुनौतीपूर्ण रही होंगी। भारत भी उन देशों में शामिल रहा है, जिस पर ट्रंप प्रशासन ने कड़े टैरिफ लगाए थे।
कई महीनों तक भारत पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लागू रहा। बाद में इसमें कमी कर 18 प्रतिशत किया गया, लेकिन यह राहत भी शर्तों के साथ आई। अमेरिका की ओर से यह संकेत भी दिया गया था कि यदि भारत रूस से तेल आयात बढ़ाता है तो 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने पर विचार किया जा सकता है।
वैश्विक बाजार पर असर की आशंका
अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और उसकी व्यापार नीतियों का सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ता है। टैरिफ में अचानक बढ़ोतरी किसी भी देश की अर्थव्यवस्था, निर्यात और निवेश माहौल को प्रभावित कर सकती है। खासकर उन देशों के लिए, जिनकी अर्थव्यवस्था अमेरिकी बाजार से गहराई से जुड़ी है।
ट्रंप के इस बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि उनकी व्यापार नीति में व्यक्तिगत आकलन और सख्त रुख प्रमुख भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और आर्थिक संबंधों के लिहाज से यह मामला काफी अहम माना जा रहा है
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