
वाराणसी/नई दिल्ली – 9 अप्रैल 2026 — कफ सिरप तस्करी के सबसे चर्चित मामले में बड़े अंकुश की तरफ एक और बड़ा कदम उठाया गया है। अपराध जगत में सिंडिकेट का सरगना बताया जा रहा शुभम जायसवाल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन इंटरपोल (Interpol) ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है, जिससे उसकी गिरफ्तारी और भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को बल मिला है। जानकारी के मुताबिक शुभम के दुबई में होने का अनुमान है और वहां की एजेंसियों से समन्वय कर उसे जल्द हिरासत में लाने की तैयारी चल रही है।
क्या है रेड कॉर्नर नोटिस और क्या होगा आगे
रेड कॉर्नर नोटिस इंटरपोल का अत्यंत गंभीर अनुरोध है, जिससे किसी भी सदस्य देश की पुलिस का यह अधिकार बनता है कि वह उस व्यक्ति की स्थानीय गिरफ़्तारी कर भारत को प्रत्यर्पित कर सके। इस नोटिस के जारी होते ही पुलिस ने शुभम के खिलाफ खुफिया जांच तेज कर दी है और न्यायिक प्रक्रिया को पूर्ण रूप से लागू करने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं।
कफ सिरप रैकेट का बड़ा सच
यह मामला 19 नवंबर 2025 को तब उजागर हुआ जब वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र में कोडीन युक्त भारी मात्रा में कफ सिरप बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में शुभम जायसवाल का नाम मुख्य साजिशकर्ता और सरगना के रूप में सामने आया और उसके कई सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि शुभम फरार हो गया।
गिरफ्तारी के प्रयास और प्रत्यर्पण प्रक्रिया
पुलिस और जांच एजेंसियाँ मानती हैं कि शुभम दुबई में कहीं छिपा हुआ है, इसीलिए इंटरपोल को नोटिस भेजकर उसकी अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही भारत सरकार की ओर से कानूनी तौर पर प्रत्यर्पण प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि उसे भारतीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा सके।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की रणनीति
वाराणसी पुलिस के साथ ही केंद्रीय जांच एजेंसियां भी इस मामले में सक्रिय हो चुकी हैं। अदालत ने शुभम को भगोड़ा घोषित कर दिया है और विभिन्न कानूनी आदेशों के तहत उसकी सम्पत्तियों पर भी कुर्की/जप्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पुलिस अब उसकी संभावित हरकतों पर पैनी नजर बनाए हुए है।
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