रात में बिस्तर पर जाते ही नाक हो जाती है बंद? सर्दी-जुकाम नहीं, ये 7 वजहें हो सकती हैं जिम्मेदार

अगर आपको दिनभर सांस लेने में कोई खास परेशानी नहीं होती, लेकिन रात में बिस्तर पर जाते ही नाक बंद होने लगती है, तो हर बार इसे सर्दी-जुकाम समझना सही नहीं है। कई लोगों को खासतौर पर सोने के समय नाक बंद होने, नाक से सांस लेने में दिक्कत, गले में खराश या मुंह से सांस लेने जैसी समस्या होती है। इसकी वजह कमरे का वातावरण, एलर्जी, नाक के अंदर सूजन या साइनस से जुड़ी परेशानी भी हो सकती है।

रात में नाक बंद होने की समस्या नींद को भी प्रभावित कर सकती है। बार-बार करवट बदलना, मुंह से सांस लेना, खर्राटे आना और सुबह उठने पर गला सूखा महसूस होना इसके साथ दिखाई देने वाले आम लक्षण हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि आखिर रात में ही नाक क्यों बंद होती है और किन परिस्थितियों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।

रात में लेटते ही नाक क्यों बंद होने लगती है?

जब व्यक्ति खड़ा या बैठा रहता है, तो नाक और आसपास के ऊतकों में मौजूद द्रव का वितरण अलग रहता है। लेकिन लेटने पर शरीर की स्थिति बदल जाती है, जिससे नाक के अंदर की सूजन या जमाव अधिक महसूस हो सकता है। अगर पहले से नाक की अंदरूनी परत में सूजन है, तो रात में सांस लेने में परेशानी और ज्यादा महसूस हो सकती है।

इसके अलावा बेडरूम में मौजूद धूल, धूल के कण, पालतू जानवरों के बाल या परागकण जैसी चीजें कुछ लोगों में एलर्जी को बढ़ा सकती हैं। ऐसे मामलों में व्यक्ति को रात में नाक बंद होने के साथ छींक, नाक में खुजली और पानी जैसा स्राव भी हो सकता है।

साइनस की समस्या भी हो सकती है वजह

साइनस से जुड़ी समस्या में नाक बंद होना एक सामान्य शिकायत हो सकती है। साइनस की सूजन या संक्रमण के दौरान नाक के आसपास दबाव, चेहरे में भारीपन, सिरदर्द, गले में पीछे की ओर बलगम जाने की समस्या और नाक से सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

हालांकि केवल रात में नाक बंद होने का मतलब यह नहीं है कि आपको साइनस की बीमारी ही है। सही कारण जानने के लिए लक्षणों की अवधि और उनके साथ मौजूद अन्य संकेतों को देखना जरूरी है।

एलर्जी के कारण भी रात में बढ़ सकती है परेशानी

अगर नाक बंद होने की समस्या खासतौर पर सोने के कमरे में जाने के बाद बढ़ती है, तो एलर्जी एक संभावित कारण हो सकती है। बिस्तर, तकिया, गद्दे और कालीन में जमा धूल के कण कुछ संवेदनशील लोगों में एलर्जिक राइनाइटिस को ट्रिगर कर सकते हैं।

ऐसी स्थिति में नाक बंद होने के साथ लगातार छींक आना, नाक या आंखों में खुजली और आंखों से पानी आने जैसी शिकायतें भी हो सकती हैं। कमरे की सफाई, बिस्तर की नियमित धुलाई और धूल के संपर्क को कम करना ऐसे मामलों में मददगार हो सकता है।

नाक की हड्डी टेढ़ी होने पर भी हो सकती है दिक्कत

कुछ लोगों में नाक के अंदर मौजूद सेप्टम यानी बीच की दीवार एक तरफ ज्यादा मुड़ी हुई होती है। इसे डिविएटेड सेप्टम कहा जाता है। इसकी वजह से एक या दोनों नथुनों से हवा का प्रवाह प्रभावित हो सकता है।

दिन में समस्या कम महसूस होने के बावजूद लेटने के बाद नाक बंद होने की शिकायत अधिक परेशान कर सकती है। अगर लंबे समय से एक ही तरफ की नाक ज्यादा बंद रहती है या सांस लेने में लगातार दिक्कत होती है, तो ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराना उचित रहता है।

सूखी हवा और कमरे का तापमान भी डाल सकता है असर

बहुत शुष्क हवा नाक की अंदरूनी सतह को परेशान कर सकती है। एयर कंडीशनर या पंखे की हवा के कारण कुछ लोगों को रात में नाक और गले में सूखापन महसूस होता है। इससे नाक में जलन या बंद होने की अनुभूति बढ़ सकती है।

इसी तरह कमरे में धुआं, तेज परफ्यूम, अगरबत्ती, धूल या अन्य तेज गंध मौजूद होने पर भी संवेदनशील लोगों में नाक की समस्या बढ़ सकती है।

नाक में पॉलीप जैसी समस्या को भी नजरअंदाज न करें

नाक में बनने वाले नेजल पॉलीप भी लंबे समय तक नाक बंद रहने का कारण बन सकते हैं। इनमें अक्सर नाक से सांस लेने में कठिनाई, सूंघने की क्षमता कम होना और बार-बार नाक बंद रहने जैसी शिकायतें हो सकती हैं।

अगर नाक लगातार बंद रहती है और सामान्य उपायों के बावजूद राहत नहीं मिलती, तो इसे केवल मौसम या सामान्य जुकाम मानकर लंबे समय तक टालना ठीक नहीं है।

रात में नाक बंद होने पर क्या करें?

सबसे पहले यह ध्यान दें कि समस्या कब और किन परिस्थितियों में बढ़ती है। क्या यह केवल सोने के कमरे में जाने पर होती है? क्या छींक और खुजली भी होती है? क्या नाक हमेशा एक ही तरफ से बंद रहती है? क्या चेहरे में दबाव या सिरदर्द भी रहता है? इन बातों पर ध्यान देने से संभावित कारण समझने में मदद मिल सकती है।

बेडरूम को धूल और धुएं से मुक्त रखना, बिस्तर और तकिए की नियमित सफाई करना तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीना कुछ लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है। नाक की समस्या बार-बार होने पर बिना सलाह लंबे समय तक किसी दवा या नेजल डिकंजेस्टेंट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि कुछ नाक खोलने वाले स्प्रे का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल समस्या को उल्टा बढ़ा सकता है।

कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?

अगर नाक बंद रहने की समस्या लगातार बनी हुई है, बार-बार लौटती है या नींद और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है, तो डॉक्टर या ईएनटी विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। तेज चेहरे का दर्द, लंबे समय तक बुखार, सांस लेने में गंभीर परेशानी, बार-बार नाक से खून आना या सूंघने की क्षमता में लगातार कमी जैसे लक्षण हों तो चिकित्सकीय जांच को टालना नहीं चाहिए।

कुल मिलाकर, रात में बिस्तर पर जाते ही नाक बंद होना हमेशा सर्दी-जुकाम का संकेत नहीं होता। एलर्जी, साइनस की सूजन, नाक की बनावट से जुड़ी समस्या, नेजल पॉलीप और कमरे का वातावरण इसके पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। इसलिए अगर यह परेशानी लगातार हो रही है, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय इसके वास्तविक कारण की जांच कराना ज्यादा जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी बीमारी का निदान या उपचार केवल इन लक्षणों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। लगातार या गंभीर समस्या होने पर योग्य चिकित्सक से सलाह लें।

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