
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक कसावट को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर एक्शन मोड में नजर आए हैं। उन्होंने रामपुर, गोरखपुर, आगरा और प्रयागराज समेत 10 जिलों के जिलाधिकारियों (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP) से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इस कदम को कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
किन जिलों से मांगी गई रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने जिन जिलों से रिपोर्ट मांगी है, उनमें रामपुर, गोरखपुर, आगरा, प्रयागराज और गाजियाबाद सहित कुल 10 जिले शामिल हैं। इन जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को जमीनी हालात, अपराध नियंत्रण और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तृत जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
कानून-व्यवस्था पर फोकस
सीएम योगी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने-अपने जिलों में अपराध पर नियंत्रण, महिला सुरक्षा और संवेदनशील मामलों के निस्तारण में तेजी लाएं। साथ ही, आम जनता से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने जिलों में चल रही सरकारी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
अधिकारियों को सख्त संदेश
सीएम योगी ने अधिकारियों को साफ तौर पर कहा है कि वे फील्ड में सक्रिय रहें और समस्याओं का त्वरित समाधान करें। जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने पर जोर दिया गया है। इस कदम को प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है।
राजनीतिक और प्रशासनिक मायने
विशेषज्ञों के मुताबिक, मुख्यमंत्री का यह कदम न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए है, बल्कि प्रशासनिक मशीनरी को अलर्ट मोड में रखने की रणनीति का भी हिस्सा है। आने वाले समय में अन्य जिलों के अधिकारियों से भी इसी तरह की रिपोर्ट मांगी जा सकती है।
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