CM Yogi Attack on SP-Congress: पीलीभीत से योगी का बड़ा सियासी हमला, बोले- विभाजन के बाद हिंदू शरणार्थियों को कांग्रेस ने भुला दिया, अखिलेश को कृष्ण जन्मभूमि पर भी दी खुली चुनौती

पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पीलीभीत में आयोजित एक जनसभा के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति को लेकर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि देश के विभाजन के बाद पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध शरणार्थियों की कांग्रेस ने कभी चिंता नहीं की, जबकि उनकी समस्याओं को वर्षों तक नजरअंदाज किया गया।

तुष्टिकरण की राजनीति पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ राजनीतिक दल वर्षों से वोट बैंक की राजनीति के लिए तुष्टिकरण की नीति अपनाते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने हमेशा एक वर्ग विशेष की राजनीति की, जबकि पीड़ित शरणार्थियों के अधिकारों और सम्मान को कभी प्राथमिकता नहीं दी।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें सभी नागरिकों के विकास और सुरक्षा के लिए समान रूप से काम कर रही हैं तथा किसी भी प्रकार के भेदभाव की नीति को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अखिलेश यादव को कृष्ण जन्मभूमि आंदोलन पर खुली चुनौती

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राम मंदिर को लेकर बयान देने वाले अखिलेश यादव यदि वास्तव में अपनी बात पर कायम हैं तो उन्हें खुलकर कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन का समर्थन करना चाहिए।

योगी आदित्यनाथ ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष इस समय “खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे” वाली स्थिति में दिखाई दे रहा है और जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच तेज हुई सियासी बयानबाजी

प्रदेश की राजनीति में इन दिनों राम मंदिर के चढ़ावे और कथित चोरी के आरोपों को लेकर सियासी घमासान जारी है। समाजवादी पार्टी लगातार इस मुद्दे को उठाकर सरकार पर सवाल खड़े कर रही है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा स्थित कृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा सामने लाकर विपक्ष पर पलटवार किया।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राम मंदिर और कृष्ण जन्मभूमि जैसे धार्मिक मुद्दों के जरिए प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर वैचारिक बहस तेज हो गई है। इसी क्रम में भाजपा नेतृत्व भी हिंदुत्व और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहा है।

लोहिया परिवार से मुलाकात का भी दिया गया राजनीतिक संदेश

इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने समाजवादी विचारक डॉ. राम मनोहर लोहिया के परिजनों से मुलाकात कर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की। इसे विपक्ष के आरोपों का जवाब और समाजवादी विरासत को लेकर नई राजनीतिक रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।

प्रदेश की राजनीति में बढ़ी बयानों की तल्खी

लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। एक ओर समाजवादी पार्टी सरकार पर धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगा रही है, वहीं भाजपा विपक्ष पर तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप दोहरा रही है। आने वाले समय में यह सियासी टकराव और अधिक तीखा होने की संभावना जताई जा रही है।

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