लखनऊ: उत्तर प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे भरोसेमंद और ‘राइट हैंड’ माने जाने वाले पूर्व IAS अधिकारी अवनीश अवस्थी का कार्यकाल एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया है। यह लगातार चौथी बार है जब सीएम योगी ने अपने इस चहेते सलाहकार का रिटायरमेंट रोककर उन्हें एक्सटेंशन दिया है। आखिर अवनीश अवस्थी में ऐसा क्या खास है कि उनके बिना यूपी की सत्ता की मशीनरी अधूरी मानी जाती है? आइए जानते हैं इस पॉवरफुल ब्यूरोक्रेट की पूरी कहानी।
2022 में रिटायरमेंट के बाद भी बरकरार है जलवा
1987 बैच के IAS अधिकारी अवनीश अवस्थी अगस्त 2022 में अपर मुख्य सचिव (ACS Home) के पद से रिटायर हुए थे। कयास लगाए जा रहे थे कि वह सक्रिय सेवा से मुक्त हो जाएंगे, लेकिन सीएम योगी ने उन्हें तत्काल अपना सलाहकार नियुक्त कर दिया। तब से लेकर अब तक, हर साल उनका कार्यकाल बढ़ाया जा रहा है। 28 फरवरी 2026 को उनका कार्यकाल खत्म होने वाला था, लेकिन सरकार ने एक दिन पहले ही उनके लिए एक साल का नया सेवा विस्तार (Extension) जारी कर दिया।
गोरखपुर और वाराणसी से गहरा नाता
अवनीश अवस्थी के प्रति सीएम योगी के भरोसे की जड़ें बहुत पुरानी हैं। वह गोरखपुर के जिलाधिकारी (DM) रह चुके हैं, उस समय योगी आदित्यनाथ वहां से लोकसभा सांसद थे। अवस्थी की कार्यशैली और अनुशासन ने तभी योगी आदित्यनाथ का दिल जीत लिया था। इतना ही नहीं, वह वाराणसी के भी डीएम रहे हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। बदायूं, आजमगढ़, मेरठ और फैजाबाद जैसे चुनौतीपूर्ण जिलों में उनके काम के अनुभव ने उन्हें प्रदेश का सबसे ताकतवर नौकरशाह बना दिया।
IIT कानपुर के इंजीनियर से सबसे पावरफुल IAS तक
अवनीश अवस्थी की शैक्षिक पृष्ठभूमि भी बेहद शानदार है। उन्होंने IIT कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया और उसके बाद सिविल सेवा का रुख किया। 1987 में UPSC क्लियर कर वह IAS बने। 2017 में जब योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने, तब अवनीश अवस्थी दिल्ली में केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय मंत्रालय में संयुक्त सचिव थे। सीएम योगी ने कार्यभार संभालते ही विशेष आग्रह कर उन्हें वापस यूपी बुलाया था।
क्यों मिला 1 साल का एक्सटेंशन?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अवनीश अवस्थी सिर्फ एक सलाहकार नहीं, बल्कि सीएम योगी के ‘विज़न’ को जमीन पर उतारने वाले सबसे बड़े रणनीतिकार हैं।
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भरोसा: सीएम के लगभग हर विदेशी और घरेलू दौरों पर वह साथ दिखते हैं। हाल ही में हुए जापान दौरे में भी वह सीएम के साथ थे।
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अनुभव: यूपी के एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट्स से लेकर कानून-व्यवस्था तक, अवस्थी का मैनेजमेंट बेजोड़ रहा है।
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समन्वय: वह शासन और प्रशासन के बीच एक मजबूत सेतु का काम करते हैं, जिसकी जरूरत सीएम योगी को अपनी दूसरी पारी में सबसे ज्यादा है।
अवनीश अवस्थी का यह चौथा एक्सटेंशन साफ संदेश देता है कि यूपी की सत्ता में उनकी अहमियत फिलहाल कम होने वाली नहीं है।
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