अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए सवालों पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या से तीखा पलटवार किया। एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग आज राम मंदिर को लेकर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पहले अपने पुराने फैसलों और कार्यों का जवाब देना चाहिए।
राम मंदिर विवाद पर अखिलेश के बयान का जवाब
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर जैसे आस्था के केंद्र पर राजनीति करना उचित नहीं है। उन्होंने बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने पहले धार्मिक स्थलों की मर्यादा से जुड़े विवादास्पद कदम उठाए, वे आज मंदिर को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले यह बताया जाना चाहिए कि हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाने जैसा कदम क्यों उठाया गया था। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीर विषय बताते हुए विपक्ष से जवाब मांगा।
‘क्या जामा मस्जिद में हनुमान पाठ कोई पढ़ सकता है?’
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक सवाल भी उठाया। उन्होंने कहा, “क्या जामा मस्जिद में हनुमान पाठ कोई पढ़ सकता है?” मुख्यमंत्री का यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। माना जा रहा है कि उन्होंने धार्मिक स्थलों की परंपराओं और मर्यादा के संदर्भ में यह टिप्पणी करते हुए समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोला।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बढ़ी सियासत
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी लगातार सरकार को घेरने का प्रयास कर रही है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि आस्था के विषयों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी हलचल
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राम मंदिर, धार्मिक आस्था और राजनीतिक आरोपों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।
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