Ayodhya News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दौरे के दौरान बड़ा प्रशासनिक और सांस्कृतिक फैसला लेते हुए जिले की दो नगर पंचायतों के नाम बदलने की घोषणा की। सोहावल विकासखंड में आयोजित जनसभा के मंच से मुख्यमंत्री ने कहा कि अब खिरौनी-सुचित्तागंज नगर पंचायत को ‘मां ज्वाला जी नगर पंचायत’ और भदरसा नगर पंचायत को ‘भरत नगर-भरत कुंड नगर पंचायत’ के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद स्थानीय लोगों में चर्चा तेज हो गई है।
अयोध्या दौरे पर सीएम योगी ने दी कई विकास परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। इस दौरान उन्होंने करीब 432 करोड़ रुपये की लागत वाली 217 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। सोहावल विकासखंड परिसर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने विकास कार्यों के साथ-साथ दोनों नगर पंचायतों के नए नामों की भी आधिकारिक घोषणा की।
खिरौनी-सुचित्तागंज अब होगी ‘मां ज्वाला जी नगर पंचायत’
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से खिरौनी-सुचित्तागंज नगर पंचायत का नाम मां ज्वाला जी के नाम पर रखने की मांग की जा रही थी। इस मांग को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि अब यह नगर पंचायत ‘मां ज्वाला जी नगर पंचायत’ के नाम से जानी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला क्षेत्र की आस्था और धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए लिया गया है।
भदरसा का नया नाम होगा ‘भरत नगर-भरत कुंड’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि भदरसा नगर पंचायत का नाम बदलकर अब ‘भरत नगर-भरत कुंड नगर पंचायत’ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के छोटे भाई भरत का त्याग, समर्पण और आदर्श भारतीय संस्कृति के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ऐसे में उनकी स्मृति से जुड़े इस क्षेत्र को नई पहचान देना गौरव की बात है।
भरत के त्याग और आदर्श का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्रीराम के वनवास के दौरान भरत ने 14 वर्षों तक भरत कुंड के निकट रहकर मर्यादा और धर्म का पालन किया। उन्होंने स्वयं सिंहासन स्वीकार नहीं किया और भगवान राम की चरण पादुकाओं को अयोध्या के राजसिंहासन पर स्थापित कर राज्य का संचालन कराया।
उन्होंने कहा कि दुनिया में भरत जैसा भाई मिलना कठिन है और अयोध्या का सौभाग्य है कि इस धरती ने भगवान श्रीराम के साथ लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न जैसे आदर्श चरित्र भी दिए।
धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मिलेगी नई मजबूती
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद माना जा रहा है कि इन दोनों नगर पंचायतों की पहचान अब धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से और अधिक जुड़ जाएगी। सरकार का उद्देश्य क्षेत्र की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान को नई पहचान देना और स्थानीय भावनाओं का सम्मान करना है।
Hindustan Awaaz – Hindustan Newspaper, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया
