राम मंदिर दान विवाद पर बड़ा अपडेट: CM योगी की सख्ती, 15 दिन में सच सामने लाने का दावा, SIT जांच तेज

अयोध्या। राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की कथित चोरी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस प्रकरण को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। मामले में हुई शुरुआती कार्रवाई के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच की रफ्तार बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को बेनकाब किया जाएगा। इसके लिए सरकार पहले ही तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर चुकी है।

दान चोरी मामले में जांच हुई तेज

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं और दान राशि की चोरी के आरोप सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। जांच एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से लाखों रुपये बरामद होने की जानकारी भी सामने आई है। इसी के बाद पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।

सरकार का कहना है कि जांच का उद्देश्य केवल आरोपों की पुष्टि करना नहीं, बल्कि यह पता लगाना भी है कि यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो उसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और पूरा नेटवर्क कैसे काम कर रहा था।

मुख्यमंत्री योगी का विपक्ष पर तीखा हमला

राम मंदिर दान विवाद को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद मामला राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर तीखा पलटवार किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल इस मुद्दे को लेकर अनावश्यक राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग आज राम के नाम पर सवाल उठा रहे हैं, उनका अतीत सबके सामने है।

“15 दिन में दूध का दूध, पानी का पानी”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिलाया कि सरकार किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है और अगले 15 दिनों के भीतर पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने रखी जाएगी।

मुख्यमंत्री का कहना है कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का लक्ष्य तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष तक पहुंचना है, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे।

SIT की निगरानी में होगी पूरी पड़ताल

प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय एसआईटी को मामले के हर पहलू की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। टीम वित्तीय लेन-देन, सुरक्षा व्यवस्था, दान संग्रह प्रणाली और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की बारीकी से जांच करेगी।

सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। सरकार भी पूरे प्रकरण पर लगातार नजर बनाए हुए है और उच्च स्तर पर समीक्षा बैठकों की तैयारी की जा रही है।

राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल

राम मंदिर देश की आस्था का केंद्र है, ऐसे में दान चोरी से जुड़े आरोपों ने स्वाभाविक रूप से लोगों का ध्यान खींचा है। जांच के आगे बढ़ने के साथ-साथ राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। अब सबकी निगाहें एसआईटी की रिपोर्ट और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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