
उत्तर प्रदेश एटीएस की जांच में नोएडा से गिरफ्तार किए गए तुषार और समीर को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसी की पड़ताल में यह बात उभरकर आई है कि दोनों आरोपियों के निशाने पर खासतौर पर वे लोग थे जिन्होंने इस्लाम धर्म छोड़ दिया था। एटीएस इस पूरे मामले को एक बड़े नेटवर्क और सुनियोजित साजिश के रूप में देख रही है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से पहचान, फिर टारगेटिंग का आरोप:- सूत्रों के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ऐसे लोगों की पहचान करते थे, जो धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में सक्रिय या चर्चित रहे हैं। इसके बाद उन्हें निशाना बनाने की रणनीति तैयार की जाती थी। एटीएस को शक है कि इस काम के पीछे कोई संगठित विचारधारा और नेटवर्क सक्रिय हो सकता है, जिसकी गहराई से जांच की जा रही है।
पूछताछ में सामने आई कट्टर सोच:- एटीएस की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों की सोच काफी हद तक कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित थी। एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि उन्हें इस दिशा में किसने प्रेरित किया और क्या इसके पीछे कोई बड़ा संगठन या विदेशी कनेक्शन भी है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, नेटवर्क खंगालने में जुटी:- मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। एटीएस अब आरोपियों के संपर्कों, कॉल डिटेल्स और डिजिटल गतिविधियों की बारीकी से जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस नेटवर्क में और लोग शामिल हैं।
जल्द हो सकते हैं और खुलासे:-जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और हर एंगल से मामले की जांच की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
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