लखनऊ में पाकिस्तानी ISI के आतंकी मॉड्यूल का बड़ा पर्दाफाश, रेलवे स्टेशन-ब्लास्ट प्लान फेल — 4 संदिग्ध गिरफ्तार

लखनऊ, 07 अप्रैल 2026: उत्तर प्रदेश एंटी‑टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने राजधानी लखनऊ से एक आईएसआई से जुड़े आतंकी नेटवर्क को उजागर कर चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जो ट्रेन एक्सीडेंट और सिलेंडर ब्लास्ट जैसे बड़े हमलों की योजना बना रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ सीधा संपर्क होने तथा महत्वपूर्ण लक्ष्यों को निशाना बनाने की कथित साजिश का खुलासा किया है।

रेलवे और शहर में तबाही का प्लान — ATS ने समय रहते किया फटकार

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार संदिग्धों ने लखनऊ का चारबाग रेलवे स्टेशन, सिग्नल बॉक्स, ट्रेनों के ट्रैक और गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों को निशाना बनाने की साजिश रची थी। मोबाइल फोन की जांच में ऐसे ऑडियो और वीडियो सबूत मिले, जिनमें इन योजनाओं के संकेत थे। एटीएस ने आरोपियों के मोबाइल से वारदात के ब्लूप्रिंट समेत कई सबूत बरामद किए हैं।

मुख्य आरोपी और नेटवर्क की गुत्थी खुली

पूछताछ में मुख्य आरोपियों में से एक साकिब उर्फ ‘डेविल’ बताया गया है, जिसने खुलासा किया कि वह और उसके साथियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान स्थित आईएसआई हैंडलर से रणनीति और फंडिंग प्राप्त की थी। आरोप है कि कुछ लोगों ने दुश्मन देशों को भारत के नेताओं, महत्वपूर्ण संस्थानों और इन्फ्रास्ट्रक्चर की रेकी रिपोर्ट भी भेजी थी। इन गतिविधियों से सुरक्षा एजेंसियों को बड़े हमलों का संकेत मिला।

बीती जांच में चूक पर भी सवाल

इस मामले की जांच में यह भी सामने आया है कि पहले बिजनौर पुलिस ने एक आरोपी के AK‑47 और ग्रेनेड वीडियो को खिलौना बता कर क्लीन चिट दे दी थी, जिसे बाद में ATS ने वास्तविक हथियार पाया। इस चूक के कारण अब उच्च पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।

सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश ATS ने यह दावा किया है कि पकड़े गए संदिग्ध बड़े पैमाने पर आतंक फैलाने की योजना बना रहे थे और समय रहते उनकी योजना को नाकाम कर दिया गया है। एजेंसी ने कहा है कि इस नेटवर्क की जड़ें और भी गहरी हो सकती हैं, इसलिए जांच जारी है और अन्य सदस्यों को भी ट्रैक किया जा रहा है।

मुख्य बिंदु (Summary)

• लखनऊ से पाकिस्तानी ISI से जुड़े चार संदिग्ध गिरफ्तार
• रेलवे स्टेशन, ट्रैक और गैस सिलेंडर टारगेट थे
• मोबाइल में साजिश के ब्लूप्रिंट मिले
• पहले की चूक पर बीिजनौर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
• जांच अब विस्तृत और गहरा स्तर पर जारी

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