वॉशिंगटन/तेहरान। मध्य पूर्व के सुलगते हालातों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा दावा किया है जिसने पूरी दुनिया के कूटनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ईरान की सत्ता पर काबिज शीर्ष नेतृत्व अब पूरी तरह टूट चुका है और जो बचे-खुचे नेता हैं, वे आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने की फिराक में हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अचानक अवतरित होकर ट्रंप ने न केवल अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि ईरानी जनता से देश की कमान अपने हाथों में लेने की सीधी अपील भी कर डाली।
‘दुनिया का सबसे कठिन सैन्य ऑपरेशन’ और खामेनेई का अंत
अपने संबोधन की शुरुआत में ही ट्रंप ने ईरान पर हुए हालिया हमलों को इतिहास का सबसे जटिल और विशाल सैन्य ऑपरेशन करार दिया। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि दुनिया ने आज तक ऐसा ऑपरेशन नहीं देखा होगा। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान के 100 से अधिक सामरिक ठिकानों को जमींदोज कर दिया है। सबसे चौंकाने वाला बयान देते हुए उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को ‘हत्यारा’ संबोधित किया और उनके मारे जाने की पुष्टि की। ट्रंप ने दावा किया कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान की गलियों में जश्न का माहौल है, जो वहां की जनता के गुस्से को दर्शाता है।
तीन अमेरिकी जांबाजों की शहादत और परमाणु खतरे का खात्मा
ट्रंप ने भारी मन से स्वीकार किया कि इस भीषण सैन्य कार्रवाई के दौरान अमेरिका के तीन बहादुर सैनिकों ने अपनी जान गंवाई है। शहीदों को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैनिकों की बहादुरी का कोई मुकाबला नहीं है। हमले के पीछे का तर्क देते हुए राष्ट्रपति ने साफ किया कि ईरान का परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम सीधे तौर पर अमेरिका और विश्व शांति के लिए अस्तित्व का खतरा बन चुका था। ट्रंप ने दो टूक कहा, “हम इस खतरे के साथ और नहीं जी सकते थे। हमने ईरान की उस ताकत को कुचल दिया है जो दुनिया भर में आतंकवाद को पाल रही थी।”
ईरानी जनता से विद्रोह की अपील: ‘अब मौका आपके हाथ में है’
भाषण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वह था, जहां ट्रंप ने सीधे तौर पर ईरान की आम जनता से संवाद किया। उन्होंने लोगों को सड़कों पर उतरने और विद्रोह करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा, “मैंने अपना वादा पूरा कर दिया है, अब आपको अपना देश वापस लेना है। ईरान की लीडरशिप खत्म हो चुकी है। आप मजबूत बनें, अमेरिका आपके साथ खड़ा है।” ट्रंप का यह बयान स्पष्ट रूप से ईरान में शासन परिवर्तन (Regime Change) की ओर इशारा कर रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ने की आशंका है।
जब तक लक्ष्य पूरा नहीं होगा, जारी रहेंगे हमले
अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह अभी रुकने वाला नहीं है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि जब तक अमेरिका के सभी तय लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते, ईरान पर सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने अन्य देशों को भी आगाह किया कि वे ईरान की ढहती सत्ता का समर्थन न करें। ट्रंप के इस आक्रामक रुख ने यह संदेश दे दिया है कि ‘सुपरपावर’ अमेरिका अपने नागरिकों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
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