घुसपैठियों पर अमित शाह का ‘फाइनल स्ट्राइक’: न वोटर लिस्ट में रहेगा नाम, न देश में मिलेगी जगह; असम की धरती से भरी हुंकार

गुवाहाटी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के रण में घुसपैठियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक अल्टीमेटम दे दिया है। शनिवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब वह समय आ गया है जब अवैध प्रवासियों का बोरिया-बिस्तर पूरी तरह गोल कर दिया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि अगले पांच साल अवैध प्रवासियों के लिए निर्णायक होंगे और उन्हें न केवल वोटर लिस्ट से बाहर किया जाएगा, बल्कि भारत की सीमाओं से भी खदेड़ दिया जाएगा।

नक्सलवाद की तरह होगा घुसपैठ का खात्मा

असम पुलिस की 10वीं बटालियन के नए परिसर के शिलान्यास समारोह में गृह मंत्री ने हुंकार भरते हुए कहा कि जिस तरह मोदी सरकार ने देश को नक्सलवाद के दंश से लगभग मुक्त कर दिया है, ठीक उसी तरह भारत को घुसपैठियों से भी मुक्त कराया जाएगा। उन्होंने संकल्प दोहराया कि घुसपैठ भारत की सुरक्षा के लिए खतरा है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शाह के इस बयान ने राज्य में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।

अवैध कब्जे वाली जमीन पर बनेगी पुलिस बटालियन

गृह मंत्री ने एक खास संदेश देते हुए बताया कि असम पुलिस की 10वीं बटालियन का निर्माण उसी जमीन पर किया जा रहा है, जिसे हाल ही में घुसपैठियों के अवैध कब्जे (अतिक्रमण) से मुक्त कराया गया है। उन्होंने साफ किया कि सरकार का काम सिर्फ जमीन खाली कराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि असली लक्ष्य इन अवैध लोगों को देश की सरहद से बाहर भेजना है। शाह ने इसे कानून और व्यवस्था की बड़ी जीत बताया।

कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा प्रहार

विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए अमित शाह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी भी घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठा सकती क्योंकि ये अवैध प्रवासी उनका ‘वोट बैंक’ हैं। शाह ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस सिर्फ बातें करती है, लेकिन बीजेपी जो कहती है वो करके दिखाती है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले पांच वर्षों में असम पूरे पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल हब बनकर उभरेगा।

चुनाव से पहले ‘घुसपैठ’ बना मास्टरस्ट्रोक

असम की 126 विधानसभा सीटों पर मार्च-अप्रैल में होने वाले संभावित चुनावों से ठीक पहले शाह का यह बयान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि ‘अवैध प्रवासी’ और ‘वोटर लिस्ट’ जैसे संवेदनशील मुद्दों को उठाकर बीजेपी ने अपने चुनावी अभियान का एजेंडा सेट कर दिया है। शाह ने स्पष्ट कर दिया कि विकास और सुरक्षा ही आगामी चुनाव के मुख्य आधार होंगे।

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