
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ा संदेश देते हुए कहा कि एक सशक्त और टिकाऊ स्वास्थ्य प्रणाली के लिए “बचाव (Prevention) और उपचार (Treatment)” के बीच संतुलन बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर सरकार और समाज दोनों स्तरों पर इस दिशा में समन्वित प्रयास किए जाएं, तो आम जनता को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकती हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना, मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना और डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक और संसाधनों के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी जरूरी हैं, ताकि लोग बीमारियों से बचाव के उपायों को अपनाएं और समय रहते इलाज कराएं।
“रोकथाम पर जोर, तभी घटेगा बीमारी का बोझ”
सीएम ने कहा कि अगर बीमारियों की रोकथाम पर सही तरीके से ध्यान दिया जाए, तो अस्पतालों पर दबाव कम होगा और लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नियमित स्वास्थ्य जांच, साफ-सफाई और संतुलित जीवनशैली को अपनाएं।उनका मानना है कि “इलाज से बेहतर बचाव” की सोच को बढ़ावा देकर ही एक स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है।
आधुनिक स्वास्थ्य ढांचे पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में नए अस्पतालों का निर्माण, मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और डिजिटल हेल्थ सेवाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। इससे न केवल इलाज आसान होगा बल्कि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा।उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध हो।
जनभागीदारी से बनेगी मजबूत व्यवस्था
सीएम योगी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में जनता की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार और जनता के संयुक्त प्रयासों से उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सशक्त बनेगी।
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