भारतीय शास्त्रीय संगीत (Carnatic Music) के महान संगीतकार और त्रिमूर्तियों में शुमार मुत्तुस्वामी दीक्षितर (Muttuswami Dikshitar) की 250वीं जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने इस विशेष अवसर पर मुत्तुस्वामी दीक्षितर के सम्मान में 250 रुपये का एक विशेष स्मारक सिक्का (Commemorative Coin) जारी किया।
कार्यक्रम की मुख्य बातें और ऐतिहासिक महत्व
-
काशी और दक्षिण भारत का सांस्कृतिक सेतु: मुत्तुस्वामी दीक्षितर का वाराणसी (काशी) से गहरा ऐतिहासिक और आध्यात्मिक नाता रहा है। उन्होंने अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा काशी में बिताया था, जिसके प्रभाव उनकी कई प्रसिद्ध रचनाओं और कृतियों में स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।
-
संगीत त्रिमूर्ति का सम्मान: त्यागराज और श्याम शास्त्री के साथ मुत्तुस्वामी दीक्षितर को कर्नाटक संगीत की ‘त्रिमूर्ति’ (Trinity) में गिना जाता है। 250 रुपये का यह स्मारक सिक्का उनकी सुरीली विरासत और भारतीय संस्कृति में उनके अमूल्य योगदान को एक अनूठी श्रद्धांजलि है।
-
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति: इस कार्यक्रम में संगीत जगत के दिग्गजों, प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया, जहाँ वित्त मंत्री ने देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
यह आयोजन न केवल दक्षिण और उत्तर भारत के सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत करता है, बल्कि महान विभूतियों के योगदान को देश की युवा पीढ़ी के सामने भी जीवंत रखता है।
Hindustan Awaaz – Hindustan Newspaper, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया
