उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान (Azam Khan) को रामपुर जेल से 11 महीने बाद रिहाई मिलते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हिरासत में ले लिया है। दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से सजा पर रोक और जमानत मिलने के बाद जैसे ही आजम खान जेल के गेट से बाहर आए, पहले से मौजूद केंद्रीय जांच एजेंसी और सुरक्षा बलों ने उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया।
जेल गेट पर हाई-वोल्टेज ड्रामा और तीखी बहस
आजम खान की रिहाई को लेकर जेल के बाहर भारी गहमागहमी का माहौल था। रिहाई से महज 15 मिनट पहले ही ईडी की टीम और सीआरपीएफ (CRPF) के 24 जवानों को जेल गेट पर तैनात कर दिया गया था।
-
अधिकारियों के साथ बहस: जब ईडी के अधिकारियों ने बाहर आते ही आजम खान से पूछताछ शुरू की और उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाने लगे, तो वहां मौजूद समर्थकों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।
-
भावुक हुए आजम खान: इस दौरान मीडिया से बात करते हुए आजम खान काफी भावुक नजर आए। उन्होंने दर्द बयां करते हुए कहा— “अब कहने के लिए बचा ही क्या है? मुसलमान होने की यही कीमत चुकानी पड़ती है। एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई, बस यही हमारी सबसे बड़ी गलती और एकमात्र अपराध है।”
-
बेटे अब्दुल्ला घर रवाना: इस पूरी कार्रवाई के दौरान उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को वहां से घर जाने की अनुमति मिल गई, जबकि आजम खान को ईडी अपने साथ ले गई।
क्या है पूरा मामला?
आजम खान पिछले 11 महीने से रामपुर जेल में बंद थे। हाल ही में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में उनकी सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें जमानत दी थी, जिससे उनके बाहर आने का रास्ता साफ हुआ था। हालांकि, जेल से बाहर आते ही मनी लॉन्ड्रिंग या अन्य वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच कर रही ईडी की इस कार्रवाई ने उनकी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ा दी हैं। आज सुबह 10 बजे उन्हें कोर्ट में पेश किए जाने की संभावना है।
Hindustan Awaaz – Hindustan Newspaper, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया
