पीएम मोदी ने एकता नगर में देखी भव्य ‘यूनिटी परेड’, बोले- ‘सरदार वल्लभभाई पटेल के बिना आज के भारत की कल्पना भी असंभव’

गुजरात के एकता नगर में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) की जयंती यानी ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के अवसर पर एक भव्य और ऐतिहासिक समारोह का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने इस भव्य ‘यूनिटी परेड’ (Unity Parade) में हिस्सा लिया और देश की एकता व अखंडता का संदेश दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद रहे।

भव्य यूनिटी परेड और अदम्य साहस का सम्मान

एकता नगर के परेड ग्राउंड में आयोजित इस भव्य समारोह में देश की आंतरिक सुरक्षा और सैन्य ताकत का अद्भुत नजारा देखने को मिला:

  • 20 सुरक्षा दस्तों का मार्च: परेड में विभिन्न सुरक्षा बलों के 20 दस्तों और विशेष नक्सल-विरोधी इकाइयों ने बेहद अनुशासित और शानदार मार्च पास्ट किया।

  • शौर्य चक्र से सम्मानित वीरों का सम्मान: इस राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर अदम्य साहस, पराक्रम और शौर्य का प्रदर्शन करने वाले सात जांबाज वीरों (शौर्य चक्र विजेताओं) को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

“स्वतंत्रता, गणतंत्र और एकता – हमारे तीन महान राष्ट्रीय पर्व”

समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के राजनीतिक और राष्ट्रीय एकीकरण में सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के लिए आजादी बहुत जरूरी है क्योंकि आजादी ही देश को अपना भविष्य खुद तय करने का अवसर देती है।

  • संविधान और गणतंत्र का महत्व: पीएम मोदी ने कहा कि गणतंत्र से ही आजादी को सही दिशा मिलती है और संविधान हमें जनता के प्रति जवाबदेह बनाता है।

  • एकता की ताकत: उन्होंने जोर देकर कहा कि एकता ही हमें एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की असली ताकत देती है। यही वजह है कि अब देश में स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और एकता दिवस—ये तीनों राष्ट्रीय त्योहार पूरे उत्साह और प्रेरणा के साथ मनाए जाते हैं।

राष्ट्रीय एकीकरण के मुख्य शिल्पकार थे सरदार पटेल

31 अक्टूबर 1875 को जन्मे सरदार वल्लभभाई पटेल एक दूरदर्शी बैरिस्टर, राजनेता और महान स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने स्वतंत्र भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में देश की कमान संभाली थी। सैकड़ों बिखरी हुई रियासतों को अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और राजनीतिक कौशल से एक सूत्र में पिरोकर एक अखंड गणराज्य का निर्माण करने के कारण उन्हें ‘राष्ट्रीय एकीकरण का मुख्य शिल्पकार’ कहा जाता है। देश भर में इस दिन नागरिकों और सरकारी कार्यालयों द्वारा देश की एकता और सुरक्षा की शपथ ली गई।

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