
Rajasthan Nagar Nigam Result 2026: राजस्थान नगर निकाय चुनाव के नतीजों की तस्वीर अब धीरे-धीरे साफ होने लगी है। सोमवार सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतगणना के साथ ही प्रदेश के 10 नगर निगमों में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबले के शुरुआती रुझान सामने आने लगे। ताजा अपडेट के मुताबिक भाजपा कई बड़े शहरों में बढ़त बनाए हुए है, जबकि कांग्रेस को कुछ नगर निगमों में मुकाबला बचाए रखने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
10 नगर निगमों में भाजपा का पलड़ा भारी
राजस्थान के 10 नगर निगमों में सामने आए शुरुआती रुझानों में भाजपा 7 नगर निगमों में आगे चल रही थी। कांग्रेस को 2 नगर निगमों में बढ़त मिली, जबकि भरतपुर में अन्य उम्मीदवारों का प्रदर्शन मजबूत दिखाई दिया। हालांकि मतगणना जारी होने के कारण इन आंकड़ों को अंतिम परिणाम नहीं माना जा सकता।
इन चुनावों में जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर, पाली, अलवर, भरतपुर, बीकानेर और भीलवाड़ा नगर निगम शामिल हैं। प्रदेश के 309 शहरी निकायों में कुल 10,167 वार्डों के लिए मतदान हुआ था और 38,889 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला मतगणना से होना है।
जयपुर में बीजेपी ने बनाई बड़ी बढ़त
राजधानी जयपुर में भाजपा शुरुआती रुझानों में कांग्रेस से काफी आगे दिखाई दी। उपलब्ध अपडेट के अनुसार 150 वार्डों में भाजपा 85 और कांग्रेस 52 वार्डों में आगे चल रही थी। जयपुर का परिणाम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राजधानी का नगर निगम प्रदेश की शहरी राजनीति में खास राजनीतिक महत्व रखता है।
जोधपुर और पाली में कांग्रेस ने दिखाई मजबूती
जहां ज्यादातर बड़े नगर निगमों में भाजपा की बढ़त दिखाई दी, वहीं जोधपुर और पाली में कांग्रेस ने मुकाबले को रोचक बनाए रखा। जोधपुर के 100 वार्डों में कांग्रेस 22 और भाजपा 16 वार्डों में आगे थी। इसी तरह पाली के 65 वार्डों में कांग्रेस 29 और भाजपा 21 वार्डों में बढ़त पर थी।
अजमेर में भाजपा-कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर
अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों के शुरुआती रुझानों में भाजपा 31 और कांग्रेस 27 वार्डों में आगे चल रही थी। दोनों दलों के बीच अंतर कम होने के कारण यहां अंतिम नतीजे तक मुकाबला बदलने की संभावना बनी हुई है।
उदयपुर में भी भाजपा आगे
उदयपुर नगर निगम में भी भाजपा ने शुरुआती बढ़त बनाई। 80 वार्डों में भाजपा 28 और कांग्रेस 16 वार्डों में आगे थी। इस रुझान ने शहर की स्थानीय राजनीति में भाजपा की स्थिति मजबूत होने के संकेत दिए हैं, हालांकि अंतिम तस्वीर सभी चरणों की मतगणना पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
कोटा में कमल आगे, कांग्रेस पीछे
कोटा नगर निगम के 100 वार्डों में भाजपा 26 और कांग्रेस 18 वार्डों में आगे चल रही थी। शुरुआती आंकड़ों में भाजपा ने बढ़त जरूर बना ली है, लेकिन अभी मतगणना पूरी नहीं हुई है, इसलिए सीटों का अंतिम आंकड़ा अलग हो सकता है।
अलवर में भी बीजेपी की बढ़त
अलवर नगर निगम के 65 वार्डों में भाजपा 15 और कांग्रेस 13 वार्डों में आगे थी। यहां दोनों प्रमुख दलों के बीच अंतर बहुत ज्यादा नहीं है, इसलिए आगे की मतगणना पर सभी की नजर बनी हुई है।
बीकानेर में भाजपा आगे
बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों में शुरुआती रुझानों के मुताबिक भाजपा 13 और कांग्रेस 11 वार्डों में आगे चल रही थी। दोनों दलों के बीच मुकाबला फिलहाल नजदीकी बना हुआ है।
भरतपुर में अन्य उम्मीदवारों ने चौंकाया
भरतपुर नगर निगम का रुझान दूसरे शहरों से अलग दिखाई दिया। यहां 65 वार्डों में अन्य उम्मीदवार 33 वार्डों में आगे थे, जबकि भाजपा 18 और कांग्रेस सिर्फ 5 वार्डों में बढ़त पर थी। इससे स्थानीय निकाय चुनाव में निर्दलीय और अन्य उम्मीदवारों की भूमिका भी अहम नजर आ रही है।
भीलवाड़ा में बीजेपी का दबदबा
भीलवाड़ा नगर निगम के 70 वार्डों में भाजपा 16 और कांग्रेस केवल 4 वार्डों में आगे थी। शुरुआती आंकड़ों में यहां भाजपा का पलड़ा काफी भारी नजर आया।
सिर्फ नगर निगम ही नहीं, नगर परिषद और पालिकाओं में भी दिलचस्प नतीजे
नगर निगमों के अलावा प्रदेश की नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में भी अलग-अलग तस्वीर देखने को मिल रही है। चित्तौड़गढ़ नगर परिषद के 60 वार्डों में भाजपा ने 32 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 24 और निर्दलीय उम्मीदवारों को 4 सीटें मिलीं। बड़ी सादड़ी में 25 वार्डों में कांग्रेस ने 13 और भाजपा ने 12 सीटें जीतीं। कपासन में कांग्रेस 13, भाजपा 10 और निर्दलीय 2 सीटों पर विजयी रहे।
निंबाहेड़ा नगर परिषद के 45 वार्डों में भाजपा ने 27 सीटों पर जीत हासिल की, कांग्रेस को 17 और एक सीट निर्दलीय के खाते में गई। बेगूं नगर पालिका के 35 वार्डों में भाजपा 24, कांग्रेस 8 और निर्दलीय 3 सीटों पर विजयी रहे।
बामनवास में वार्डवार नतीजे
बामनवास नगर पालिका के 20 वार्डों के परिणामों में भी भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच मिश्रित तस्वीर सामने आई। वार्ड 1 से रंजना निर्दलीय, वार्ड 2 से लीला देवी निर्दलीय और वार्ड 3 से रामसिंह मीणा निर्दलीय विजयी रहे। वार्ड 4 में केदारलाल भाजपा, वार्ड 5 में भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की। वार्ड 9 की ललिता देवी, वार्ड 10 की मंदोरी, वार्ड 12 के श्यामलाल मीणा, वार्ड 14 की रेखा मीणा, वार्ड 15 के घनश्याम हरिजन, वार्ड 17 की सुशीला मीणा, वार्ड 18 के मुकेशी मीणा और वार्ड 20 की भवानी मीणा कांग्रेस के खाते में गईं। वार्ड 13 में सलमान खान और वार्ड 19 में संतरा मीणा ने भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की, जबकि वार्ड 16 से कंबूलाल मीणा निर्दलीय विजेता रहे।
वार्ड 7 में धर्मी कुमारी, वार्ड 8 में संजय मीणा और वार्ड 11 में शंभू माली ने भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की। वार्ड 9 की ललिता देवी, वार्ड 10 की मंदोरी, वार्ड 12 के श्यामलाल मीणा, वार्ड 14 की रेखा मीणा, वार्ड 15 के घनश्याम हरिजन, वार्ड 17 की सुशीला मीणा, वार्ड 18 के मुकेशी मीणा और वार्ड 20 की भवानी मीणा कांग्रेस के खाते में गईं। वार्ड 13 में सलमान खान और वार्ड 19 में संतरा मीणा ने भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की, जबकि वार्ड 16 से कंबूलाल मीणा निर्दलीय विजेता रहे।
राजस्थान की शहरी राजनीति के लिए अहम माने जा रहे नतीजे
राजस्थान नगर निकाय चुनाव के ये परिणाम राज्य की शहरी राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। शुरुआती रुझानों में भाजपा ने जयपुर समेत कई बड़े नगर निगमों में बढ़त बनाकर अपनी स्थिति मजबूत दिखाई है। दूसरी ओर जोधपुर, पाली और कुछ अन्य क्षेत्रों में कांग्रेस ने भी मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा नहीं होने दिया है।
सबसे खास बात यह है कि कई नगर निगमों में अभी मतगणना जारी है। इसलिए शुरुआती बढ़त को अंतिम जीत समझना जल्दबाजी होगी। अंतिम नतीजों के साथ ही यह स्पष्ट होगा कि राजस्थान के शहरी निकायों में किस पार्टी का प्रभाव सबसे ज्यादा मजबूत हुआ और किन शहरों में स्थानीय समीकरणों ने बड़े दलों के चुनावी गणित को प्रभावित किया।
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