सीएम योगी का बड़ा एक्शन: दबंगों ने महिला के रास्ते पर किया कब्जा, शिकायत मिलते ही तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल को सस्पेंड करने का आदेश

गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर दौरे के दौरान मंगलवार को जनता दर्शन में भूमि विवाद से जुड़ी एक शिकायत सामने आई। दबंगों से परेशान एक महिला ने मुख्यमंत्री से अपने रास्ते पर कब्जा किए जाने की शिकायत की। महिला की समस्या सुनने के बाद सीएम योगी ने मामले में लापरवाही बरतने वाले राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल को निलंबित करने का आदेश दिया।

जनता दर्शन में महिला ने सीएम योगी से लगाई गुहार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों गोरखपुर के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इसी दौरान एक महिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि दबंगों ने उसके आने-जाने वाले रास्ते पर कब्जा कर लिया है। महिला ने मामले में कार्रवाई और रास्ता खाली कराने की गुहार मुख्यमंत्री से लगाई।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीएम योगी ने संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद मामले में तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल को निलंबित करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

भूमि विवाद में लापरवाही पर सीएम योगी सख्त

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों में शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से समाधान किया जाना चाहिए।

सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि भूमि संबंधी किसी मामले में संबंधित कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जरूरत पड़ने पर निलंबन जैसी कार्रवाई से भी पीछे न हटें।

जनता की शिकायतों के समाधान पर मुख्यमंत्री का जोर

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आम लोगों की शिकायतों के समाधान में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।

गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान सामने आए इस भूमि विवाद के मामले में तत्काल कार्रवाई के आदेश को प्रशासनिक स्तर पर सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर राजस्व मामलों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि शिकायतों के निस्तारण में उदासीनता भारी पड़ सकती है।

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