
UP Cabinet Meeting 2026: मदरसों की कामिल-फाजिल डिग्री पर रोक का प्रस्ताव, योगी सरकार आज ले सकती है बड़ा निर्णयउत्तर प्रदेश कैबिनेट की आज होने वाली बैठक में मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम-2004 में संशोधन का प्रस्ताव पेश हो सकता है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर मदरसे कामिल और फाजिल की डिग्री जारी नहीं कर सकेंगे। जानिए पूरी खबर।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को लेकर योगी सरकार बड़ा निर्णय ले सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली राज्य कैबिनेट की बैठक में मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम-2004 में संशोधन से जुड़ा अहम प्रस्ताव पेश किए जाने की संभावना है। यदि प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलती है तो प्रदेश के मदरसे भविष्य में कामिल और फाजिल की डिग्री जारी नहीं कर सकेंगे। इस फैसले को राज्य की शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
कैबिनेट बैठक में 20 से अधिक प्रस्तावों पर हो सकती है चर्चा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर आयोजित होने वाली कैबिनेट बैठक में 20 से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। इनमें मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम-2004 में संशोधन के अलावा अनुपूरक बजट, आधारभूत संरचना और क्षेत्रीय विकास से जुड़े कई प्रस्ताव भी शामिल हैं। सरकार की ओर से विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
कामिल और फाजिल डिग्री पर रोक लगाने का प्रस्ताव
कैबिनेट के एजेंडे में शामिल प्रस्ताव के अनुसार मदरसों द्वारा दी जाने वाली कामिल और फाजिल डिग्री को समाप्त करने का निर्णय लिया जा सकता है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश के मदरसे इन दोनों डिग्रियों का संचालन नहीं कर पाएंगे। इसके बाद संशोधित व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सरकार का मानना है कि यह कदम प्रदेश की शिक्षा प्रणाली को राष्ट्रीय शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।
क्या होती हैं कामिल और फाजिल की डिग्रियां?
मदरसा शिक्षा प्रणाली में फाजिल को स्नातक (Graduation) स्तर के समकक्ष माना जाता है, जबकि कामिल को स्नातकोत्तर (Post Graduation) स्तर की डिग्री के बराबर समझा जाता है। इन पाठ्यक्रमों में इस्लामी शिक्षा से जुड़े विषय पढ़ाए जाते हैं, जिनमें कुरान, हदीस, फिक्ह, अरबी भाषा और इस्लामी धर्मशास्त्र प्रमुख रूप से शामिल होते हैं।
अनुपूरक बजट समेत कई विकास प्रस्ताव भी एजेंडे में
कैबिनेट बैठक में अनुपूरक बजट को विधानसभा में पेश करने से संबंधित प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से बुलंदशहर के रास्ते जोड़ने की परियोजना के प्राक्कलन को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है।
बैठक के एजेंडे में प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव भी शामिल है, जिस पर कैबिनेट की सहमति मिलने की संभावना जताई जा रही है।
फैसले पर टिकी निगाहें
प्रदेश सरकार की इस कैबिनेट बैठक पर शिक्षा जगत, मदरसा संस्थानों और राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं। विशेष रूप से कामिल और फाजिल डिग्री से जुड़े प्रस्ताव पर कैबिनेट का अंतिम फैसला आने के बाद प्रदेश की मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
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