
Shamli Kanwar Yatra 2026: सावन माह में हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे कांवड़ियों के बीच इस बार आस्था के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे की अनूठी तस्वीर भी सामने आई। उत्तर प्रदेश के शामली जनपद से गुजर रहे हरियाणा के भिवानी के 10 कांवड़ियों का जत्था एक जैसी कांवड़ लेकर यात्रा करता दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने कांवड़ यात्रा के दौरान की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा की और उन्हें भविष्य में प्रधानमंत्री के रूप में देखने की इच्छा भी व्यक्त की।
सावन में शामली से गुजर रहे हैं लाखों कांवड़िये
सावन के पवित्र महीने में हरिद्वार से गंगाजल लेकर लाखों श्रद्धालु अपने-अपने शिवालयों की ओर रवाना हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश का शामली जिला कांवड़ यात्रा का प्रमुख मार्ग होने के कारण इन दिनों पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंगा हुआ है। यहां से गुजर रहे कांवड़ियों के अलग-अलग जत्थे अपनी अनोखी कांवड़ और भक्ति के अलग अंदाज से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
एक जैसी कांवड़ लेकर निकले 10 श्रद्धालु, दिया एकता का संदेश
हरियाणा के भिवानी से आए 10 कांवड़िये पीले और सफेद रंग की एक जैसी डिजाइन वाली कांवड़ लेकर यात्रा कर रहे हैं। श्रद्धालुओं ने बताया कि वे अलग-अलग जातियों और बिरादरियों से आते हैं, लेकिन भगवान शिव की भक्ति ने उन्हें एक सूत्र में बांध दिया है। उन्होंने यात्रा शुरू करने से पहले संकल्प लिया था कि सभी इस बार एक जैसी कांवड़ लेकर जलाभिषेक करेंगे।
कांवड़ियों का कहना है कि उनका उद्देश्य समाज को यह संदेश देना है कि आस्था के सामने जाति और बिरादरी का कोई महत्व नहीं होता। आपसी भाईचारा, प्रेम और सामाजिक सौहार्द ही सबसे बड़ी पहचान है।
व्यवस्थाओं की सराहना, मुख्यमंत्री योगी की तारीफ
यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं ने उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के लिए की गई व्यवस्थाओं की खुलकर सराहना की। उनका कहना था कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य इंतजामों से उन्हें काफी सहूलियत मिली है। इसी दौरान कुछ कांवड़ियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए उन्हें भविष्य में प्रधानमंत्री के रूप में देखने की अपनी इच्छा भी जाहिर की।
परिवार की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं कांवड़िये
श्रद्धालुओं ने बताया कि उनके पिता और परिवार के बड़े-बुजुर्ग भी वर्षों से कांवड़ यात्रा करते आ रहे हैं। अब वे उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हर साल भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य तक पैदल यात्रा करते हैं। उनके अनुसार यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि अनुशासन, सेवा और सामाजिक समरसता का भी संदेश देती है।
यात्रा के दौरान आकर्षण का केंद्र बनी अनोखी कांवड़
शामली से गुजर रहे इस जत्थे की एक जैसी कांवड़ राहगीरों और अन्य श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी रही। बड़ी संख्या में लोगों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उनके भाईचारे के संदेश की सराहना की। कांवड़ियों का कहना है कि भगवान शिव की भक्ति सभी को जोड़ने का कार्य करती है और समाज में प्रेम, एकता तथा सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देती है।
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