UP Assembly Monsoon Session: विधानसभा में भावुक हुए CM योगी, वरिष्ठ विधायक आलम बदी को दी श्रद्धांजलि, 21 पूर्व विधायकों को भी किया याद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सदन का माहौल उस समय भावुक हो गया, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ विधायक आलम बदी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें जनसेवा के प्रति समर्पित, सादगीपूर्ण और जनता के बीच लोकप्रिय जनप्रतिनिधि बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के 21 पूर्व विधायकों के निधन पर भी सदन की ओर से श्रद्धासुमन अर्पित किए।

90 वर्ष की आयु में हुआ था आलम बदी का निधन

नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन को जानकारी दी कि वर्तमान विधानसभा के सदस्य आलम बदी का 23 जुलाई को निधन हो गया था। वह 90 वर्ष से अधिक आयु के थे और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। आलम बदी वर्तमान विधानसभा के सबसे वरिष्ठ और वयोवृद्ध सदस्यों में शामिल थे। उनका जन्म 16 मार्च 1936 को आजमगढ़ जिले के बिंदवल गांव में हुआ था।

पांच बार विधायक चुने गए, सक्रिय राजनीति बनेगी मिसाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ती उम्र के बावजूद आलम बदी की राजनीतिक सक्रियता हर जनप्रतिनिधि के लिए प्रेरणा का विषय थी। उन्होंने कहा कि जनता के प्रति समर्पण और क्षेत्र की सेवा का भाव ही किसी जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी पहचान होता है। आलम बदी का लगातार निर्वाचित होना इस बात का प्रमाण है कि यदि जनता का विश्वास बना रहे तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती।

आलम बदी पहली बार वर्ष 1996 के मध्यावधि विधानसभा चुनाव में विधायक बने थे। इसके बाद वर्ष 2002, 2012, 2017 और 2022 में आजमगढ़ के निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के टिकट पर लगातार विधानसभा पहुंचे। इस तरह वह पांच बार विधायक निर्वाचित हुए।

विधानसभा की कई समितियों में निभाई अहम जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि आलम बदी विधानसभा की विभिन्न समितियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। वर्तमान कार्यकाल में भी वह विधानसभा की आचार समिति के सदस्य थे। उन्होंने सदन की कार्यवाही और जनहित से जुड़े मुद्दों में हमेशा गंभीर भागीदारी निभाई।

गरीबों और शिक्षा के लिए हमेशा रहे समर्पित

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आलम बदी अपनी सरलता, विनम्र स्वभाव और बेदाग सार्वजनिक जीवन के लिए जाने जाते थे। समाज के गरीब और वंचित वर्ग के उत्थान, शिक्षा के विस्तार तथा सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी विशेष रुचि रही। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को लगातार सदन में मजबूती से उठाया और विकास कार्यों के लिए निरंतर प्रयास किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आलम बदी के निधन से उत्तर प्रदेश ने एक अनुभवी राजनीतिज्ञ, समर्पित जनप्रतिनिधि और समाजसेवी को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

21 पूर्व विधायकों को भी सदन ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर प्रदेश के दिवंगत 21 पूर्व विधायकों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पूर्व विधायक राजेंद्र त्रिपाठी, भोला पांडेय, अमिताभ लवानिया, सुब्बाराम, जगन्नाथ चौधरी, रामप्यारे आजाद, गोपीनाथ वर्मा, यशपाल सिंह, राधेश्याम भारती, संग्राम सिंह, हरिनारायण राजभर, डॉ. भगवत दयाल, अरुण कुमार सिंह ‘मुन्ना’, ओमवती देवी, मोहर सिंह, अफसर यू अहमद, तेजभान सिंह, रुद्र प्रताप सिंह, प्यारेलाल शंखवार, ओमकार सिंह और हनुमंत सिंह के निधन पर भी गहरा शोक व्यक्त किया।

सदन में दो मिनट का मौन रखकर दी गई श्रद्धांजलि

मानसून सत्र के पहले दिन सदन में दिवंगत जनप्रतिनिधियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सार्वजनिक जीवन, जनसेवा और लोकतंत्र में दिए गए योगदान को याद किया गया। इस दौरान सदन में शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत नेताओं के सम्मान में मौन भी रखा गया।

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