
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में चल रहा संघर्ष अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पहली बार यह लड़ाई समुद्र तक फैलती दिखाई दी है। अरब सागर में ग्वादर के नजदीक पाकिस्तानी नौसेना के एक जहाज को निशाना बनाकर उड़ा दिया गया, जिसमें कम से कम तीन नौसैनिकों की मौत हो गई। इस घटना ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
समुद्र में पहली बार निशाना बनी पाकिस्तानी नेवी
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक जिवानी खाड़ी के पास खुले समुद्र में पाकिस्तानी नेवी की एक नाव पर हमला किया गया। यह घटना इसलिए बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि अब तक बलूचिस्तान में हमले जमीन तक सीमित थे, लेकिन पहली बार समुद्री क्षेत्र में सेना को टारगेट किया गया है।हमले की जिम्मेदारी फिलहाल किसी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे बलूचिस्तान में सक्रिय विद्रोही गुटों का हाथ हो सकता है, जो लंबे समय से पाकिस्तान के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष चला रहे हैं।
ग्वादर पोर्ट के पास हमला, रणनीतिक खतरे बढ़े
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ग्वादर पोर्ट पाकिस्तान के लिए रणनीतिक और आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। अरब सागर में बढ़ती गतिविधियों के बीच इस तरह की घटना से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्वादर के पास हुआ यह हमला पाकिस्तान की समुद्री सुरक्षा में बड़ी सेंध का संकेत है, जिससे विदेशी जहाजों और निवेशकों के भरोसे पर असर पड़ सकता है।
होर्मुज संकट के बीच बढ़ी पाकिस्तान की परेशानी
मध्य पूर्व में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में खतरे के कारण समुद्री व्यापार पहले ही प्रभावित है। ऐसे में कई अंतरराष्ट्रीय जहाज वैकल्पिक मार्ग के रूप में पाकिस्तान के बंदरगाहों का इस्तेमाल कर रहे हैं।इसी दौरान समुद्र के भीतर हुआ यह हमला वैश्विक शिपिंग कंपनियों के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है। इससे पाकिस्तान के समुद्री इलाकों में सुरक्षा को लेकर डर और असमंजस बढ़ सकता है।
मुनीर-शहबाज के लिए नई चुनौती
पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के लिए यह घटना बड़ी चिंता बन गई है। पहले से ही बलूचिस्तान में जमीनी हमलों से जूझ रही पाकिस्तानी सेना के सामने अब समुद्री मोर्चा भी खुलता नजर आ रहा है।विशेषज्ञ मानते हैं कि इस घटना के बाद पाकिस्तान को अपनी नौसैनिक सुरक्षा रणनीति में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं।
बलूचिस्तान: लगातार सुलगता विद्रोह
बलूचिस्तान लंबे समय से अशांति और हिंसा का केंद्र बना हुआ है। यहां सक्रिय कई उग्रवादी संगठन लगातार पाकिस्तानी सेना और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाते रहे हैं।कई इलाकों में स्थिति इतनी खराब है कि वहां सरकारी अधिकारियों और पुलिस का पहुंचना तक मुश्किल हो गया है। पाकिस्तान ने कई सैन्य अभियान चलाए, लेकिन अब तक स्थायी शांति कायम नहीं हो सकी है।
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