बेरूत। लेबनान में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इजरायल ने हिजबुल्ला के संभावित हमलों को रोकने के लिए अपने सैन्य अभियान को तेज कर दिया है। इजरायली सेना अब लेबनान में हिजबुल्ला के हर संभावित ठिकाने को निशाना बना रही है। इसी बीच, दक्षिणी लेबनान में दो अलग-अलग घटनाओं में तीन संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक मारे गए। मृतक सभी सैनिक इंडोनेशियाई हैं। इस हमले में घायल हुए अन्य सैनिकों में भारतीय शांति सैनिक भी शामिल हैं, जो वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में लेबनान में तैनात हैं।
दक्षिणी लेबनान में हादसों का सिलसिला
संयुक्त राष्ट्र शांति सेना UNIFIL ने बताया कि सोमवार को दक्षिणी लेबनान के बानी हयान के पास एक अज्ञात धमाके में दो शांति सैनिक मारे गए। इस विस्फोट में दो अन्य सैनिक भी गंभीर रूप से घायल हुए। इसके ठीक एक दिन पहले, रविवार रात से सोमवार सुबह के बीच अदचित अल-कुसैर गांव के पास एक गोला फटा, जिसमें एक और इंडोनेशियाई शांति सैनिक की मौत हुई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हुआ।
संयुक्त राष्ट्र और इंडोनेशिया का बयान
UNIFIL की प्रवक्ता कैंडिस आर्डियल ने कहा, “यह दो अलग-अलग घटनाएं हैं और हम इन्हें स्वतंत्र घटनाओं के रूप में ही जांच रहे हैं।”
इंडोनेशिया ने भी शांति सैनिकों की मौत पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि मारे गए सैनिक उनके नागरिक थे और तीन अन्य सैनिक “अप्रत्यक्ष तोपखाने की गोलाबारी” में घायल हुए। मंत्रालय ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि शांति सैनिकों को किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। साथ ही, उसने दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना के हमलों की भी आलोचना की।
भारतीय सैनिकों की सुरक्षा पर खतरा
लेबनान में वर्तमान में 642 भारतीय शांति सैनिक भी तैनात हैं। इस हिंसक घटनाक्रम के बीच उनकी सुरक्षा भी गंभीर खतरे में आ गई है। UNIFIL और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गंभीरता से समीक्षा कर रही हैं।
Hindustan Awaaz – ताज़ा हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया
