
नई दिल्ली: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते रणनीतिक समीकरणों के बीच क्वाड को और मजबूत करने की दिशा में तैयारियां तेज हो गई हैं। नई दिल्ली में क्वाड के चारों सदस्य देशों के शेरपाओं की अहम बैठक हुई, जिसमें समुद्री सुरक्षा से लेकर आर्थिक सुरक्षा, महत्वपूर्ण एवं उभरती तकनीक और आपातकालीन सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक प्रस्तावित है।
इस महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक का प्रमुख उद्देश्य अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया में होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक की तैयारियों को आगे बढ़ाना और संगठन के सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में ठोस प्रगति सुनिश्चित करना था।
समुद्री सुरक्षा और नई तकनीक पर खास जोर
बैठक के दौरान समुद्री और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठे। इसके साथ ही आर्थिक समृद्धि और आर्थिक सुरक्षा, महत्वपूर्ण एवं उभरती तकनीक तथा मानवीय सहायता और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
क्वाड के चारों देशों के शेरपाओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम पर अपने-अपने विचार साझा किए। क्षेत्रीय परिस्थितियों के साथ-साथ व्यापक वैश्विक हालात पर भी चर्चा की गई। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि एक स्वतंत्र, खुला, स्थिर और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए क्वाड की भूमिका को लगातार मजबूत किया जाना जरूरी है।
बैठकों से आगे बढ़कर जमीन पर दिखे काम
क्वाड शेरपाओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि संगठन का सहयोग केवल उच्चस्तरीय बैठकों और चर्चाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए। सदस्य देशों के बीच ऐसे ठोस और परिणाम देने वाले प्रयासों को आगे बढ़ाया जाना चाहिए, जिन्हें वास्तविक स्तर पर लागू किया जा सके और जिनका असर दिखाई दे।
यह बैठक 26 मई को नई दिल्ली में हुई क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के परिणामों को आगे बढ़ाने की कड़ी के तौर पर भी महत्वपूर्ण रही। शेरपाओं ने पहले लिए गए फैसलों और सहयोग के क्षेत्रों में आगे की दिशा पर विचार किया।
अक्टूबर की विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए तैयार हो रही जमीन
अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया में होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक को लेकर इस बैठक को अहम तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। शेरपाओं की चर्चा का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच साझा प्राथमिकताओं को स्पष्ट करना और विदेश मंत्रियों की आगामी बैठक में ठोस परिणामों के लिए आधार तैयार करना रहा।
बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, तकनीकी साझेदारी और संकट की परिस्थितियों में आपसी मदद जैसे मुद्दों को क्वाड के भविष्य के सहयोग के महत्वपूर्ण हिस्सों के रूप में सामने रखा गया।
चारों देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधि रहे मौजूद
नई दिल्ली में हुई बैठक में क्वाड के चारों सदस्य देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से विदेश एवं व्यापार विभाग के रणनीतिक योजना और समन्वय समूह की डिप्टी सेक्रेटरी एली लॉसन शामिल हुईं। जापान की ओर से विदेश मामलों के वरिष्ठ उप मंत्री हिरोयुकी नमाजू ने बैठक में भाग लिया।
भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बैठक की मेजबानी की। अमेरिका समेत क्वाड के सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हिंद-प्रशांत और वैश्विक परिस्थितियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
कुल मिलाकर, दिल्ली में हुई यह बैठक क्वाड के अगले चरण की रणनीति तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। समुद्री सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा, नई तकनीक और आपातकालीन सहयोग जैसे क्षेत्रों में ठोस पहल पर जोर से साफ है कि क्वाड अब केवल रणनीतिक संवाद का मंच बने रहने के बजाय व्यावहारिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।
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