
Bangladesh News: बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों को लेकर गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को किसी फासीवादी ताकत का वोट बैंक मानने की सोच अब खत्म हो चुकी है। गृह मंत्री के मुताबिक, 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश के हिंदू समुदाय ने इस धारणा को तोड़ दिया कि वह किसी खास राजनीतिक ताकत का तय वोट बैंक है।
जन्माष्टमी जुलूस से पहले रैली में बोले गृह मंत्री
गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने शुक्रवार दोपहर राजधानी ढाका के पलाशी चौराहे पर जन्माष्टमी जुलूस से पहले आयोजित एक रैली को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में वह मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इसी दौरान उन्होंने हिंदू समुदाय की राजनीतिक भूमिका और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि हिंदुओं को फासीवादी ताकतों का वोट बैंक समझने वाली पुरानी धारणा अब समाप्त हो गई है। उन्होंने दावा किया कि 13वें संसदीय चुनाव के दौरान हिंदू समुदाय ने इस गलतफहमी को स्पष्ट तौर पर तोड़ दिया।
‘अब किसी राजनीतिक ताकत की बपौती नहीं अल्पसंख्यक’
बांग्लादेश के गृह मंत्री के बयान का मूल संदेश यह रहा कि देश का हिंदू समुदाय किसी एक राजनीतिक दल या ताकत के साथ स्थायी रूप से जुड़ा हुआ वोट बैंक नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव में हिंदू मतदाताओं के रुख ने उस धारणा को चुनौती दी है, जिसके आधार पर उन्हें पहले किसी खास राजनीतिक शक्ति का समर्थक माना जाता रहा था।
गृह मंत्री ने यह बयान ऐसे समय दिया है जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों की धार्मिक स्वतंत्रता, सुरक्षा और राजनीतिक भागीदारी को लेकर लगातार चर्चा होती रही है।
तारिक रहमान सरकार के छह महीने का भी किया जिक्र
सलाहुद्दीन अहमद ने तारिक रहमान सरकार के सत्ता में आने के बाद बीते छह महीनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अवधि में सभी धर्मों के लोगों को अपने धार्मिक रीति-रिवाजों और धार्मिक स्वतंत्रता का पालन करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
गृह मंत्री के मुताबिक, सरकार की ओर से सभी धर्मों के लोगों को धार्मिक गतिविधियां करने की आजादी सुनिश्चित की गई है और इसका असर जमीन पर भी दिखाई देता है। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर सरकार के रुख को रेखांकित करते हुए कहा कि यह व्यवस्था सभी समुदायों पर समान रूप से लागू है।
हिंदू समुदाय को लेकर क्यों अहम है यह बयान?
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय देश का एक प्रमुख अल्पसंख्यक समुदाय है। ऐसे में गृह मंत्री की ओर से चुनाव और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के संदर्भ में हिंदू मतदाताओं को लेकर दिया गया बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उनका यह बयान जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में आया, जहां धार्मिक आयोजन से पहले बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। ऐसे में गृह मंत्री ने धार्मिक स्वतंत्रता के साथ-साथ हिंदू समुदाय की राजनीतिक पसंद को लेकर भी सरकार का पक्ष सामने रखा।
बांग्लादेश सरकार की ओर से दिया गया यह संदेश साफ तौर पर इस बात पर केंद्रित रहा कि हिंदू समुदाय को किसी एक राजनीतिक दल के स्थायी वोट बैंक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए और देश में सभी धार्मिक समुदायों को अपने धार्मिक अधिकारों का इस्तेमाल करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
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