Islamabad/Washington. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया मुलाकात के बाद पाकिस्तान में नई बहस छिड़ गई है। ट्रंप की ओर से भारत के समर्थन में दिए गए बयान और प्रधानमंत्री मोदी की खुलकर की गई प्रशंसा को पाकिस्तान के रणनीतिक विश्लेषक गंभीरता से देख रहे हैं। पाकिस्तान के चर्चित राजनीतिक टिप्पणीकार कमर चीमा ने कहा है कि ट्रंप के शब्दों को हल्के में लेना बड़ी भूल होगी, क्योंकि इनके दूरगामी राजनीतिक और कूटनीतिक प्रभाव पड़ सकते हैं।
मोदी-ट्रंप मुलाकात पर पाकिस्तान की बढ़ी चिंता
कमर चीमा ने अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई मुलाकात पाकिस्तान के लिए चुनौतीपूर्ण संकेत लेकर आई है। उनके अनुसार अमेरिका भारत को केवल एक क्षेत्रीय शक्ति नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है। यही वजह है कि अमेरिकी नेतृत्व लगातार भारत के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
चीमा का कहना है कि अमेरिका के नीति-निर्माता भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और वैश्विक प्रभाव को महत्व देते हैं। ऐसे में ट्रंप का भारत के पक्ष में दिया गया बयान केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं माना जाना चाहिए।
‘भारत की रक्षा करेगा अमेरिका’ वाले बयान पर मचा बवाल
डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुलाकात के दौरान कहा था कि यदि भारत पर कोई हमला होता है तो अमेरिका उसके साथ खड़ा रहेगा और उसकी सुरक्षा में सहयोग करेगा। इस बयान को लेकर पाकिस्तान में कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कमर चीमा ने कहा कि इस तरह के बयान यह दर्शाते हैं कि ट्रंप और मोदी के बीच व्यक्तिगत स्तर पर भी मजबूत संबंध हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर सुरक्षा और रणनीतिक समझौते देशों के बीच होते हैं, लेकिन जब किसी नेता का नाम विशेष रूप से लिया जाता है तो यह दोनों नेताओं के बीच विश्वास और नजदीकी को भी दिखाता है।
ट्रंप की मोदी पर तारीफ बनी चर्चा का विषय
पाकिस्तानी विश्लेषक ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप लगातार प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ट्रंप ने मोदी को एक मजबूत और प्रभावशाली नेता बताया तथा उनकी नेतृत्व क्षमता की खुलकर प्रशंसा की।
चीमा के मुताबिक, ट्रंप की यह तारीफ पाकिस्तान के लिए महत्वपूर्ण संकेत है क्योंकि इससे यह संदेश जाता है कि वॉशिंगटन में मोदी की राजनीतिक स्वीकार्यता और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नेताओं को यह अच्छी तरह पता है कि भारतीय जनता तक सकारात्मक संदेश कैसे पहुंचाया जाए और ट्रंप भी उसी रणनीति पर काम करते दिखाई देते हैं।
अमेरिका-भारत रिश्तों के भविष्य को लेकर जताई आशंका
कमर चीमा ने यह भी कहा कि एक ओर अमेरिका अपनी इंडो-पैसिफिक रणनीति में बदलाव के संकेत देता है, वहीं दूसरी ओर भारत के प्रति मजबूत समर्थन का संदेश भी देता है। ऐसे परस्पर विरोधाभासी दिखने वाले संकेतों के बावजूद भारत-अमेरिका संबंध लगातार मजबूत होते नजर आ रहे हैं।
उनका मानना है कि मोदी और ट्रंप की यह मुलाकात भविष्य में कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक और रणनीतिक परिणाम लेकर आ सकती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को इस घटनाक्रम को कमतर आंकने की गलती नहीं करनी चाहिए।
मध्य पूर्व शांति प्रयासों में भी भारत का जिक्र
कमर चीमा ने दावा किया कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने की दिशा में सकारात्मक भूमिका निभाने का श्रेय भी दिया। इससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका भारत को केवल दक्षिण एशिया तक सीमित नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में देख रहा है।
भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी तथा दोनों नेताओं की नजदीकियों को लेकर पाकिस्तान में चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में इस संबंध का असर दक्षिण एशिया की राजनीति और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर भी दिखाई दे सकता है।
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